सरकार, डीजीपी और कोर्ट के आदेश के बावजूद 3 साल बाद भी 4.43 करोड़ रुपए गबन करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई : मो. इकबाल खान - Pinkcity News

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Wednesday, 17 March 2021

सरकार, डीजीपी और कोर्ट के आदेश के बावजूद 3 साल बाद भी 4.43 करोड़ रुपए गबन करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई : मो. इकबाल खान

  • दी राजलक्ष्मी अरबन को-ऑपरेटिव बैंक की पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बानो के गबन का मामला 
  • पुलिस महानिदेशक व राजस्थान सरकार, न्यायालय उप रजिस्ट्रार के आदेशो की पालना में बड़े प्रयासों के बाद दर्ज हुई FIR में 3 साल में भी गिरफ्तारी नही 
  • बैंक प्रबंधन ने मुख्यमंत्री , पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस कमिश्नर को दिया 12वाँ स्मरण पत्र

जयपुर ! त्रिपोलिया बाज़ार, जयपुर स्थित दी राजलक्ष्मी महिला अरबन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, राजस्थान में आपराधिक षड्यंत्र रचकर, फर्जी दस्तावेजो की कूट रचना तथा बैंक प्रबंधन की मिली भगत से हुए करोडो रुपये के घोटाले को लेकर वर्तमान बैंक प्रबंधन की ओर से 16 मार्च, 2021 को मुख्यमन्त्री, राजस्थान सरकार, पुलिस महानिदेशक, राजस्थान सरकार और पुलिस आयुक्त, जयपुर को 12वाँ स्मरण (ज्ञापन) देकर आरोपियों की गिरफ़्तारी एवं गबन की राशि 4.43 करोड़ रुपये की बरामदगी के आदेश देने की मांग की गयी है ।

बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. इकबाल खान ने बताया कि बैंक के जमाकर्ताओ के हितों की रक्षा के लिए उपरोक्त माननीयो को दिनांक 18 सितम्बर, 29 सितम्बर, 10 अक्टूबर, 2 दिसम्बर, 28 दिसम्बर,2020 1 जनवरी, 16 जनवरी, 5 फरवरी, 17 फरवरी एवं 27 फरवरी को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगा चुके है । बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. इकबाल खान ने यह भी बताया कि   न्यायालाय उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां जयपुर (शहर) ने सुनवाई कर 19 जुलाई, 2018 को बैंक की पूर्व अध्यक्षा फिरोजा बानो व अन्यो द्वारा करीब 4.43 करोड़ रुपये के फर्जी ऋण स्वीकृत कर गबन करने का अपराध प्रमाणित पाया था । आदेश की पालना में वर्तमान बैंक प्रबंधन ने दिनांक 21-08-2018 को तत्कालीन SHO थाना माणक चौक, चैनाराम और कमिश्नर संजय अग्रवाल को लिखित रिपोर्ट देने एवं तत्कालीन ADC अपराध शाखा, द्वारा दिनांक 31 अगस्त 2018 को निर्देश देने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हुई । बाद में समाचार पत्रों में अपराधियों को बचाने की सूचना उजागर होने पर CMO तथा DGP की फटकार के बाद दिनांक 28-09-2018 को एक FIR दर्ज की गयी । कमिश्नर ने चैनाराम के खिलाफ कोई कार्यवाही नही कर उसका तबादला शास्त्री नगर , जयपुर थाने में कर इतिश्री कर ली ।

बैंक के CEO मो. इकबाल खान ने बताया कि भीलवाड़ा महिला अर्बन को-ओपेअरातिवे बैंक में हुए ऐसे ही घोटाले में वहां की पुलिस (थाना कोतवाली, भीलवाड़ा) द्वारा बैंक की तत्कालीन अध्यक्षा कीर्ति बोरदिया, कर सलाहकार रविन्दर बरोदिया सहित अन्यो के खिलाफ कार्यवाही हो चुकी है I गत दिनों ED ने भी आरोपियों की 9.97 करोड़ रुपये की 262 अचल संपतियां कुर्क की है । माणक चौक थाना पुलिस FIR में जाँच कर अपराध प्रमाणित मान चुकी है । लेकिन मुल्जिमो को गिरफ्तार नही किया जा रहा है । राज्य सरकार, न्यायालय उप रजिस्ट्रार, जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से समस्त सबूत और साक्ष्य भी दिए जा चुके है ।

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