भविष्य में सीएस में संभावनाएं और कोरोना इफ़ेक्ट पर की चर्चा - Pinkcity News

Breaking News

Tuesday, 16 June 2020

भविष्य में सीएस में संभावनाएं और कोरोना इफ़ेक्ट पर की चर्चा

  • - आईसीएसआई द्वारा नेशनल पीसीएस दिवस के उपलक्ष में वेबिनार का आयोजन
जयपुर, 16 जून। भारतीय कंपनी सचिव संस्था के जयपुर चैप्टर की ओर से सोमवार को पीसीएस दिवस का वर्चुअल उत्सव का आयोजन किया गया। कंपनी सचिवों को पूर्ववर्ती कंपनियों अधिनियम 1956 के तहत वार्षिक रिटर्न प्रमाणित करने के लिए मान्यता देने के उपलक्ष में हर साल इंस्टिट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ़ इंडिया द्वारा नेशनल पीसीएस दिवस का आयोजन किया जाता है।
इस साल कोरोना की आपदा को देखते हुए ये दिवस को वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर सेलिब्रेट किया गया। जहां रीजनल काउन्सिल के वाईस चेयरमैन और पीसीएस कमिटी के चेयरमैन सीएस विमल गुप्ता और सूर्या गुप्ता, आईसीएसआई चेयरमैन जयपुर चैप्टर सीएस नितिन होतचंदानी ने सेशन को सम्बोधित किया। वहीं जयपुर चैप्टर के सेक्रेटरी सीएस अभिषेक गोस्वामी ने वेबिनार को मॉडरेट किया। इस सेशन के दौरान जयपुर से 6 सीनियर सीएस मेंबर्स के साथ भविष्य में सीएस पर संभावनाएं और कोरोना इफ़ेक्ट के बारे में चर्चा की।
जयपुर सहित एक ऐसा ही वेबिनार पैन इंडिया सीएस मेंबर्स के लिए भी आयोजित किया गया जहां पूरे देश के सीनियर पीसीएस कमिटी मेंबर्स ने वेबिनार में हिस्सा लिया। नेशनल वेबिनार में उद्घाटन सेशन स्पीकर के तौर पर वित्त राज्यमंत्री, भारत सरकार, अनुराग सिंह ठाकुर ने सभी मेंबर्स को सम्बोधित किया। इस वर्चुअल चर्चा को भारतीय कंपनी सचिव संस्था के नेशनल प्रेजिडेंट सीएस आशीष गर्ग ने मॉडरेट किया।

इस उत्सव से जुड़ी जानकारी देते हुए भारतीय कंपनी सचिव संस्था के जयपुर चैप्टर चेयरमैन नितिन होतचंदानी ने बताया कि कंपनी सेक्रेटरीज हमेशा कंपनी के एसेट्स के रूप में भूमिका निभाती रही है। आज कंपनी सेक्रेटरीज को एनुअल रिटर्न सर्टिफिकेशन का अवसर प्रदान है, जहां पहले मेंबर्स को फिजिकल फॉर्म्स जमा करवाने पड़ते थे वहीं आज सब ऑनलाइन उपलब्ध है जिससे टाइम सेविंग होना एक बड़ा फैक्टर है।
आगे आने वाले समय में भी कंपनी क्वालिटी सर्विसेज पर फोकस करेगी, जिसके साथ ही कंपनी को कई बड़े अपॉर्चुनिटी प्रदान है जिसमें इंटरनल ऑडिट, जीएसटी प्रोफेशनल, आईपीआर, इंटरनेशनल ट्रेड और डब्यल्यूटीओ सर्विसेज, इन्सॉल्वेंसी और बैंक्रप्सी प्रोफ़ेशनल, एनसीएलटी/एनसीएलएटी प्रैक्टिश्नर, रिकोंसिलिएशन ऑफ़ शेयर कैपिटल ऑडिट आदि के साथ ही आने वाले यंग सीएस स्टूडेंट्स के लिए कई संभावनाएं मौजूद है।


No comments:

Post a comment

Pages