'महिलाएं तन की ताकत के साथ बने मन से ताकतवर' : एडिशनल डीसीपी सुनीता मीणा - Pinkcity News

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Tuesday, 10 March 2020

'महिलाएं तन की ताकत के साथ बने मन से ताकतवर' : एडिशनल डीसीपी सुनीता मीणा


  • - महिला दिवस पर 'आई एम जनरेशन इक्वलिटी : रिएलाइज़िंग विमेंस राइट' खास चर्चा 
  • - भारतीय कंपनी सचिव संस्था के जयपुर चैप्टर की ओर से स्पेशल सेशन का आयोजन 

जयपुर, 8 मार्च। आत्मरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है जिसके अंतर्गत सभी महिलाओं को खुद की रक्षा करना आना चाहिए। आज महिलाएं किसी भी चीज़ के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं है तो हम अपनी सुरक्षा के लिए दूसरों पर निर्भर क्यों रहे। जरुरी है कि छोटी बच्चियों और कॉलेज जाने वाली स्टूडेंट्स को सरकार द्वारा मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1090, 112 याद रहे, या वे फ़ोन में स्पीड डायल पर सेव करे। साथ ही सभी परिजन अपनी बच्चियों को बचपन से ही जुडो-कराटे या मार्शल आर्ट्स जैसी ट्रेनिंग जरूर दे। ये कहना था राजस्थान पुलिस एडिशनल डीसीपी  सुनीता मीणा का।  वे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में भारतीय कंपनी सचिव संस्था के जयपुर चैप्टर की ओर से रविवार को 'आई एम जनरेशन इक्वलिटी : रिएलाइज़िंग विमेंस राइट' पर पैनल डिस्कशन को सम्बोधित करने पहुंची थी ।
इस दौरान विशिष्ट अतिथियों में भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के उत्तर भारतीय क्षेत्रीय परिषद के सदस्य वाइस चेयरमैन सीएस विमल गुप्ता, राजस्थान पुलिस एडिशनल डीएसपी सुश्री सुनीता मीणा, सुबोध कॉलेज की प्रिंसिपल  यदु शर्मा, ब्यूटी एक्सपर्ट  गीतू सचदेवा, मालवीय कान्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल  स्वेतिका कपूर और फोर्टी वीमेन विंग की प्रेजिडेंट सुश्री नेहा गुप्ता ने चर्चा में अपने विचार रखे।कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष सीएस रिया शर्मा उपस्थित रही, वहीं संचालन सीएस श्रुति गुप्ता और सीएस शिप्रा गुप्ता द्वारा किया गया।

इस दौरान जयपुर चैप्टर के चेयरमैन नितिन होतचंदानी ने बताया कि आज महिलाएं शायद ही किसी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे है। चाहे मेडिकल, डिफेन्स, अकेडमिक, स्पोर्ट्स किसी भी क्षेत्र में देख ले, वीमेन एम्पोवेर्नमेंट के कई बड़े नमूने मिल जाएंगे। इसी को देखते हुए हमने शहर की अलग-अलग प्रमुख क्षेत्रों से गणमान्य महिलाओं को यहां आमंत्रित किया। जहां लगभग 125 कंपनी सेक्रेटरी मेंबर्स ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
वहीं फोर्टी वीमेन विंग की चेयरमैन नेहा गुप्ता ने कहा कि चाहे महिलाएं वर्किंग हो या होममेकर अपने स्वास्थ और सपनों का भी सोचे। मेरे जीवन का अहम् मन्त्र 'मस्त रहो, स्वस्थ रहो और व्यस्त रहो' है। सुबोध कॉलेज की प्रिंसिपल  यदु शर्मा ने कहा कि मैं साइकोलॉजी की प्रोफेसर हूं, और मैं स्टूडेंट्स को भी दिमागी ताकत से अवगत करवाती हूं, जिसमें उन्हें तन की शक्ति से ज्यादा मन की शक्ति का अनुभव हो। 

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