10 दिवसीय राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला 24 अप्रेल से जवाहर कला केन्द्र में लगेगा - Pinkcity News

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Wednesday, 22 January 2020

10 दिवसीय राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला 24 अप्रेल से जवाहर कला केन्द्र में लगेगा

जयपुर, 22 जनवरी। सहकारिता रजिस्ट्रार डॉ. नीरज के. पवन ने बुधवार को बताया कि सहकारिता विभाग इस वर्ष 24 अप्रेल से 3 मई तक जयपुर के निवासियों को राजस्थान ही नहीं भारत के अन्य प्रदेशों के उत्कृष्ट मसालों की सौगात उपलब्ध कराने जा रहा है। राष्ट्रीय सहकार मसाला मेले को इस बार अन्तरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जायेगा। मेले में सार्क देशों की सहकारी समितियों के विशिष्ट मसाले भी आमजन के लिये उपलब्ध होंगे।
डॉ. पवन ने बताया कि राज्य सरकार की निरोगी राजस्थान योजना का संदेश घर-घर पहुंचे इसके लिये मेले की थीम निरोगी राजस्थान पर आधारित होगी। उन्होंने बताया कि पड़ौसी देशों की सहकारी समितियों को आमंत्रित करने के लिये अलग से समिति बनाई गई है जो इन देशों में सहकारी संस्थाओं से सम्पर्क कर जयपुरवासियों को इन देशों के विशिष्ट मसाले मेले में उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेगी।

उन्होंने बताया कि मेले को व्यापक रूप देते हुये पंजाब, तमिलनाडु, केरल के अलावा अन्य राज्यों की मसाला उत्पादक सहकारी समितियों को भी मेले में मसालों की बिक्री के लिये आमंत्रित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि हमारी मंशा है कि देश के सभी राज्यों की मसाला उत्पादक सहकारी समितियां इस मेले के आयोजन में हिस्सा लें। उन्होंने बताया कि मेले में पहली बार इफको के मसाला एवं बायो उत्पाद भी उपलब्ध कराये जायेंगे।
डॉ. पवन ने बताया कि प्रदेश के अधिकतर जिलों में विशिष्ट मसालों की उपज होती है जो उन जिलों की पहचान है। उन्होंने बताया कि नागौर की मैथी एवं कैर सांगरी, सोजत की अथाना मिर्च एवं मेंहदी, जालोर भीनमाल का जीरा, कोटा रामगंजमण्डी का धनिया, मथानिया की मिर्च, कोटा-बूंदी का चावल एवं पोहा, प्रतापगढ़ की हींग व आम पापड़ की अपनी पहचान है। हमारी सहकारी संस्थायें उनकी उपज के क्षेत्र से ही उनका संधारण एवं प्रसंस्करण कर उपभोक्ताओं को उपलब्ध करायेंगी ताकि उनकी महक एवं शुद्धता बरकरार रहे।

रजिस्ट्रार ने बताया कि मेले में केरल की लोंग, कालीमिर्च, इलायची सहित लिक्विड मसाले, तमिलनाड़ु की हल्दी, कुंकुम, धनिया, मिर्च के पाउडर, गुंटूर आन्ध्र प्रदेश की मिर्च, नार्थ ईस्ट प्रदेशों के मसाले, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा एवं उत्तरप्रदेश के नामचीन उत्पाद उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि जयपुर वासियों को दक्षिण भारतीय व्यंजनों के स्वाद से रूबरू कराने के लिये रेडिमेड सांभर एवं रसम के मसाले भी उपलब्ध कराये जायेंगे।
उन्होंने बताया कि मेले में प्रदेश के सभी संभागों तथा अन्य राज्यों से आने वाली सहकारी संस्थाओं को अलग-अलग डोम में स्टॉल आवंटित की जायेंगी। उन्होंने बताया कि मेले में मसालों की फ्लेवर एवं शुद्धता बनाये रखने के लिये पिसाई मशीन लगाई जायेंगी ताकि उपभोक्ता साबुत मसालों की अपने सामने पिसाई करवा सकेगा। यह निःशुल्क होगी।

रजिस्ट्रार ने बताया कि मेले में भुसावर के अचार एवं मुरब्बे, आगरा का पेठा एवं दालमोठ, राजसमन्द की ठण्डाई, सवाईमाधोपुर का खस का शरबत, कोटा का शरबती गेहूं, सीकर का प्याज भी उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि महिलाओं को बच्चों के साथ मसालों की खरीददारी में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिये किड्स जोन भी बनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि मेले में सायं 7 बजे से सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जायेगा जिससे आगन्तुक खरीददारी के साथ-साथ दिन भर की थकावट को दूर कर सके।

डॉ. पवन ने बताया कि मेले का आयोजन भव्य तरीके से करने तथा जयपुर के वासियों को मसालों एवं खाद्य सामग्री के उत्ककृष्ट उत्पाद उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी न रहे इसके लिये कमेटियों का गठन कर दिया गया है। बैठक में प्रबंध निदेशक राजफैड सुषमा अरोड़ा, तिलम संघ के प्रबंध निदेशक राधेश्याम मीणा, निदेशक राइसेम विजय कुमार शर्मा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार प्रथम एम. पी. यादव, अतिरिक्त रजिस्ट्रार द्वितीय  जी एल स्वामी, वित्तीय सलाहकार जुगल किशोर शर्मा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार आरसीडीएफ बृजेन्द्र राजौरिया, उपभोक्ता संघ के प्रबंध निदेशक वी के वर्मा, सभी खण्डीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार, इफको, राजफैड, सहकारी मुद्रणालय, एसएलडीबी, आरसीएचएफ आदि संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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