राजस्थान सूचना आयोग का ऐतिहासिक फैसला : शहरी निकायों की बोर्ड मीटिंग की मिनिट्स वैबसाइट पर डालने के निर्देश - Pinkcity News

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Thursday, 2 January 2020

राजस्थान सूचना आयोग का ऐतिहासिक फैसला : शहरी निकायों की बोर्ड मीटिंग की मिनिट्स वैबसाइट पर डालने के निर्देश

आयोग ने कहा कि  ऐसी सूचनाएं स्वतः सार्वजनिक करने योग्य, कुचामन ईओ पर 25 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया
Image result for RTI"जयपुर। राजस्थान सूचना आयोग ने एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए नगर निगम, नगरपालिका आदि शहरी निकायों की बोर्ड व एम्पावर्ड कमेटी की मीटिंग्स के मिनिट्स को वैबसाइट पर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने इस फैसले में राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि समस्त शहरी निकायों की वैबसाइटों को सक्रिय कर नियमित रूप से बोर्ड बैठकों की मिनिट्स वैबसाइट पर डाली जाए। साथ ही आयोग ने कुचामन नगरपालिका के पार्षद को सूचना नहीं देने पर अधिशाषी अधिकारी श्रवणकुमार पर 25 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया है।

तृतीय पक्षकार की बता कर सूचना देने से किया था इनकार
कुचामन नगर पालिका के पार्षद अहमद अली खान ने पालिका की एम्पावर्ड कमेटी की मिनिट्स की सूचना चाही थी लेकिन अधिशाषी अधिकारी ने इसे तृतीय पक्षकार की सूचना बता कर देने से इनकार कर दिया। इस पर खान ने सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर की थी। आयोग ने ईओ श्रवणकुमार को जुर्माने का नोटिस भेजा लेकिन उन्होंने कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया।

बोर्ड की मिनिट्स सार्वजनिक दस्तावेज
सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि यह आश्चर्य और अफसा ेस का विषय है कि नगरपालिका मण्डल की साधारण/एम्पावर्ड कमेटी की बैठकों का कार्यवाही विवरण नितान्त सार्वजनिक दस्तावेज होने के बावजूद ईओ ने अनावश्यक रूप से इस साधारण सूचना का तृतीय पक्षकार की सूचना बता कर देने से इनकार कर दिया। ऐसी सूचनाएं न केवल सूचना आवेदन करने पर देय हैं बल्कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 4(1) बी एवं 4(2) के तहत वैबसाइट पर स्वैच्छिक रूप से सार्वजनिक की जानी चाहिए।

जन सूचना पोर्टल की सराहना, तीन माह में करो कार्यवाही
आयोग ने अपने निर्णय में राज्य सरकार के जन सूचना पोर्टल की सराहना की है। आयोग ने कहा - शहरी निकाय एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक इकाई है। देखा गया है कि इन निकायों में बड़ी संख्या में सूचना आवेदन दाखिल कर सूचनाएं मांगी जा रही हैं इनमें से अनेक आवेदनों में नगर निगम/नगर परिषद/नगर पालिका की बोर्ड/एम्पावर्ड कमेटी की बैठकों के कार्यवाही विवरण की प्रतियां भी मांगी जाती हैं। राज्य सूचना आयोग के एक पूर्व निर्णय में दिए निर्देश के बाद राज्य के लगभग सभी शहरी निकायों की इंटरनैट वैबसाइट्स अस्तित्व में हैं परन्तु लगता है अधिकतर निकायों की वैबसाइट्स लापरवाही से निष्क्रिय पड़ंी है ं और अद्यतन नही ं की जा रही। राजस्थान सरकार ने जन सूचना पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता को बढ़ाने व धारा 4(2) की पालना के प्रति सकारात्मक व सराहनीय कदम बढ़ाया है। इसी दिशा में एक कदम और बढ़ा कर शहरी निकायों की वैबसाइट्स को सक्रिय कर उनमें बोर्ड/एम्पावर्ड कमेटी की बैठकों के कार्यवाही विवरणों को सार्वजनिक किया जाए तो पारदर्शिता को बढ़ावा मिलने के साथ सूचना आवेदनों का भार भी कम हो सकेगा। आयोग ने स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग व स्थानीय निकाय विभाग के सहयोग से तीन माह में समस्त शहरी निकायों की वैबसाइट्स को सक्रिय कर नियमित रूप से बोर्ड/एम्पावर्ड कमेटी की बैठकांे की मिनिट्स को सार्वजनिक किया जाना सुनिश्चित करें।

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