राजस्थान को घूंघट व बुरखा मुक्त करना होगा : ममता भूपेश - Pinkcity News

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Monday, 6 January 2020

राजस्थान को घूंघट व बुरखा मुक्त करना होगा : ममता भूपेश

जयपुर 06 जनवरी, 2020। आई आई एस (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय) के ईक्वल ऑपरच्यूनिटी सेल की ओर से दिल्ली स्कूल ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ एंड रिसर्च, सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज़ रिसर्च एंड डेवलपमेंट, नई दिल्ली के तत्वावधान में भारत सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय, नई दिल्ली के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाना एवं उनका मजबूतीकरण विषय पर सोमवार को दो दिवसीय सम्मेलन का आगाज़ हुआ। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास, जन अभाव निराकरण एवं अल्पसंख्यक मामलात राज्य मंत्री ममता भूपेश बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित ममता भूपेश ने अपने उद्बोधन में अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं पर तो चर्चा की ही साथ ही इन्होंने सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला। भूपेश ने बताया कि सरकार के अल्पसंख्यक विभाग द्वारा बालिकाओं के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिसके बारे में वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है। इसी के साथ ही इन्होंने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रही योजना इंदिरा महिला शक्ति के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

महिला सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए भूपेश ने कहा कि राजस्थान को घूंघट व बुरखा मुक्त करना होगा तभी महिलाओं को जीने के लिए स्वतंत्र व स्वछंद वातावरण मिलेगा।

प्रो बी पी सिंह ने सम्मेलन के लक्ष्य एवं उद्देश्यों से परिचय करवाते हुए बताया कि अल्पसंख्यक को मात्र वोट बैंक न समझा जाए बल्कि उनकी शिक्षा एवं विकास के क्षेत्र में भी कदम उठाए जाएं। जब अल्पसंख्यक मुख्यधारा से जुड़ जाएंगे तब सही मायने में देश का विकास होगा। प्रो सिंह ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सरकार से यह अपील की कि आज के युग में पंचायती राज में महिलाओं को सशक्त करने की आवश्यकता है।अगर महिलाओं को शिक्षित किया जाएगा तो स्वयं समाज में मौजूद बुराईयां व कुरीतियां नष्ट हो जाएंगी। अंत में प्रो सिंह ने कॉन्फ्रेंस के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस कॉन्फ्रेंस में देश में 8 से 10 अल्पसंख्यक कल्याण योजनाएं हैं जिनकी शर्तों, फायदों आदि के बारे में विस्तार से चर्चा की जाएगी।


सम्मेलन की शुरूआत दिल्ली स्कूल ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ से मोहीबुद्दीन खान के बेहद खूबसूरत स्वागतम गीत से हुई तत्पश्चात् विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अशोक गुप्ता ने अपने स्वागत उद्भोदन में ममता भुपेश, प्रो बी पी सिंह, अध्यक्ष, दिल्ली स्कूल ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ सहित अन्य उपस्थित अतिथिगणों एवं प्रतिभागी छात्राओं का स्वागत किया। साथ ही डॉ गुप्ता ने अल्पसंख्यक की परिभाषा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अल्पसंख्यक में केवल मुस्लिम ही नहीं बल्कि जैन, सिख, बौद्ध, पारसी, ईसाई आदि वो सभी धर्म आते हैं जिनकी संख्या कम है।

सम्मेलन के अंत में डॉ दीपिका सिंह, नोडल ऑफिसर, ईक्वल ऑपरच्यूनिटी सेल, आईआईएस विश्वविद्यालय ने मुख्य अतिथि, उपस्थित विषय वक्ताओं एवं प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

यह सम्मेलन 08 तकनीकी सत्रों एवं उद्घाटन व समापन समारोह में सम्पन्न होगा जिसमें से कॉन्फ्रेंस के पहले दिन चार सत्र सम्पन्न हुए जिसमें विषय वक्ताओं के तौर पर मौजूद प्रो सीमा सिंह, डॉ आर एस सिंह एवं श्री मोहीबुद्दीन खान ने आर्थिक विकास एवं महिला सशक्तिकरण, शैक्षिक विकास, अवसंरचना एवं अन्य विकास, स्व-रोज़गार के लिए सरकारी योजनाएं एवं वित्तीय सहायता आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इन्हीं विषयों पर दूसरे दिन बाकी सहभागियों के साथ चर्चा हुई। 

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