जेकके में प्रदर्शित की जा रही है तिजी फेस्टिवल की पौराणिक कथाएं व पंचतंत्र की कहानियां - Pinkcity News

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Friday, 10 January 2020

जेकके में प्रदर्शित की जा रही है तिजी फेस्टिवल की पौराणिक कथाएं व पंचतंत्र की कहानियां

जेकेके द्वारा आयोजित की जा रही हैं ‘तिजी फेस्टिवल: ड्राइविंग आउट डेमन्स‘ व ‘पंचतंत्र‘ एग्जीबिशंन , 20 जनवरी तक चलेगी एग्जीबिशन
जयपुर, 10 जनवरी। जवाहर कला केंद्र द्वारा इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स के सहयोग से दो एग्जीबिशन आयोजित की जा रही है, जो 20 जनवरी तक चलेंगी।

केंद्र की अलंकार आर्ट गैलरी में ‘तिजी फेस्टिवल: ड्राइविंग आउट डेमन्स’ एग्जीबिशन में फोटोग्राफ व मास्क प्रदर्शित किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि तिजी नेपाल का सबसे प्रमुख त्योहार है। तिजी शब्द ‘तेनपा छिरिम‘ का संक्षिप्त नाम है, जो अक्सर तेंची फेस्टिवल के रूप में जाना जाता है।

इस फेस्टिवल के जरिए भगवान बुद्ध के दोरजी सोनू अवतार की मन ताम रू नामक राक्षस पर जीत को याद किया जाता है। मन ताम रू इंसानों को खाने वाला और तूफान व सूखे की स्थिति उत्पन्न करने वाला दुष्ट राक्षक था। इस एग्जीबिशन में प्रदर्शित की जा रही पेंटिंग्स के जरिए बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक तिजी त्यौहार की प्राचीन पौराणिक कथाओं को दर्शाया गया है।

इसी प्रकार सुरेख व सुदर्शन आर्ट गैलरी में ‘पंचतंत्र एग्जीबिशन‘ आयोजित की जा रही है। इसमें आदिवासी व लोक कला पर पेंटिंग बनाने के लिए प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार हक्कू शाह की पेंटिंग व कलमकारी कार्य को प्रदर्शित किया जा रहा है। कलमकारी हाथ से पेंटिंग बनाने की प्राचीन शैली है, जिसमें इमली की कलम व प्राकृतिक रंगों का उपयोग करके सूती या रेशमी कपड़े पर पेंटिंग बनाई जाती है।

इस एग्जीबिशन में ‘द वीवर एंड द डेमन’, ‘द सिंगिंग डॉन्की’, ‘द लोनली डियर’ और ‘द स्टोरी ऑफ द वल्चर’ जैसी कई कहानियों के फोटो प्रदर्शित किए जा रहे हैं। पंचतंत्र को भारतीय उपमहाद्वीप की भौगोलिक सीमाओं को पार करने वाले सबसे शुरुआती कार्यों में से एक माना जाता है।
ये दोनों एग्जीबिशन 20 जनवरी तक सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी।

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