आईआईएस यूनिवर्सिटी के फैशन शो में छात्राओं ने जलवे बिखेरे - Pinkcity News

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Wednesday, 22 January 2020

आईआईएस यूनिवर्सिटी के फैशन शो में छात्राओं ने जलवे बिखेरे

जयपुरः भारत की सभ्यता और संस्कृति बहुआयामी रही है। जिसमें भारत का महान इतिहास, विलक्षण भूगोल और सिंधु घाटी की सभ्यता तथा आगे चलकर वैदिक युग में विकसित हुई। साथ ही इसमें विभिन्न रिवाज, परम्पराएँ, विचारों का भी समावेश है। इसी के साथ विभिन्न रंगों से सजी हमारी वेश-भूषा हमें एक नई पहचान देती है। इन्हें सभी भावों-विचारों का साकार रूप देखने को मिला। मानसरोवर स्थित आई.आई.एस. (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) की ओर से बुधवार को आयोजित ग्यारहवें वार्षिक फैशन शो क्रिएशन्स 2020 में डिजाइनर्स ने इंडो वेस्टर्न-कैजुअल और स्ट्रीट वियर तथा फॉर्मल वेस्टर्न परिधानों के माध्यम से हमारे देष की विभिन्न कला व संस्कृतियों जैसे-जगन्नाथ, ओडिसा के मंदिर, पंजाब की फुलकारी और मौजेक कला तथा राजस्थान की सांस्कृतिक परम्परा को नवीन रूप में प्रस्तुत किया।

फैशन एण्ड टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी विभाग गार्मेंट प्रोडेक्षन एंड एक्सपोर्ट मैनेजमेंट एवं ज्वैलरी डिजाइनिंग विभाग की ओर से आयोजित इस शो में ममता मनसिग्का, संस्थापक किलोल फैब्रिक्स, जयपुर व जानी मानी फैशन डिजाईनर रितु केडिया ने बतौर जज छात्राओं के हुनर की सराहना की। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जगदीश चंद्रा (सीएमडी, फर्स्ट इण्डिया न्यूज) तथा विषिष्ट अतिथि के तौर पर फैशन डिजाइनर गौरव जय गुप्ता मौजूद थे। इस फैशन शो को डेविड ने कोरियोग्राफ किया।

विभिन्न थीम्स पर आधारित रंगों एवं डिजाइन्स से सजे इस फैशन शो में 11 थीमों में 33 युवा डिजाइनर्स ने अपना कलेक्शन पेश किया जिन्हें 42 मॉडल छात्राओं ने इन आउटफिट्स को पहनकर रैम्प वॉक किया।

इंडिगो फैबल्स में डिजाइनर्स ईशा कागजी, अनम कागजी, अदिति जैन तथा मिताली गुप्ता ने इंद्रधनुष के बैंगनी और नीले रंग के संयोजन को पैन्ट, टॉप और स्कर्ट आदि परिधानों के माध्यम से दिखाया।

नोस्टालजिक वाइब्स में डिजाइनर्स मिली निम्बार्क, कृतिका राठौड, अक्षिता महावर, नुपुर मुलानी ने जयपुर के सिटी पैलेस के चार दरवाजों से प्रेरणा लेते हुए सिल्क, क्रैप और नेट पर हरे, नीले, भूरे और गुलाबी रंगों का संयोजन किया जो हमारे परम्परागत वैभव को उजागर करती है।

बीवीचिंग ब्लेंड में सोलो डिजाइनर मानसी जिंदल ने काले और सफेद रंग के माध्यम से औपचारिक अर्थात् ऑफिसवेयर को दर्शाया।

मौजेक फ्लेयर में डेनिम के साथ मौजे़क कला का प्रदर्शन डिजाइनर्स मिली जैन, फिरदोस, मीशा गुप्ता तथा नेन्सी जैन ने किया। डिज़ाईनर्स ने अपने कलेक्शन में डेनिम लवर्स के लिए डेनिम को एक नए अवतार में पेश किया।

वेसाईड वॉन्डरर में राजस्थान की संस्कृति के वैभव को डिजाइनर्स श्रेया गुप्ता और शुमैला खान ने खद्दड़ के कपड़े पर विषमाकार के परिधानों में उकेरा है। डिजाइनर्स ने अपने आउटफिट में एम्ब्रॉइडरी, मोटिफ्स, पैचवर्क, बीड्स आदि का खूबसूरती से प्रयोग किया।

फोरवर्ड फ्यूजन में डिजाइनर्स विभूति पोद्दार, मेघा गुप्ता, तरूषि जैन, धारवी नाहटा, आयूषी पालिया, अंबालिका माथुर, प्रीति गोयल, गुरूषा चौधरी तथा शेख सहर ने नए परिधानों को परम्परागत बाँधनी शैली से संजोया। इन्होंने टाई एंड डाई को फ्यूज़न वेयर में फिट करने का एक सफल प्रयास किया है।

एथनिक एनचेन्टमेन्ट में डिजाइनर्स रितिका नुहाल, सलोनी जैन और नेहा तिवारी ने शिबोरी कला को सिल्क के कपड़े पर पिगमेंटेड यैलो, वार्म ग्रीन तथा रॉ क्ले इन तीन रंगों में उकेरा। इस कलेक्षन में ट्रेडिशनल एवं मॉडर्न का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।
ऐथरियल सागा- भगवान जगन्नाथ मंदिर की कलाकृतियों से प्रेरित कलेक्शन
ऐथरियल सागा में डिजाइनर्स दिक्षा खटाना तथा मान्या गुप्ता ने भगवान जगन्नाथ मंदिर से प्रेरणा लेकर पीले और सफेद रंग के संयोजन के माध्यम से मंदिर की कलाकृतियों को नेट और जॉर्जेट से निर्मित परिधानों पर प्रदर्शित किया।

डेस्प्रिंग ब्लेज़ में डिजाइनर्स नेहा पी. सहेतई तथा वेदांशी जैन ने सैटिन सिल्क और कॉटन सैटिन कपड़े पर बाँधनी कला को नियोन रंगों के साथ औपचारिक परिधानों (कैजुअल वियर) में समेटा।

इस कलेक्शन में सोलो डिजाइनर नंदनी चौधरी ने विभिन्न नियोन रंगों का संयोजन इण्डो-वैस्टर्न परिधानों के अंतर्गत किया।

वेनगार्ड्स ऑफ वोग में डिजाइनर्स प्रीति वर्मा, सौम्या वर्मा तथा रिया पोखरना ने पंजाब की फुलकारी कला से प्रेरित होकर इंडो-वेस्टर्न कलेक्षन पेष किया। डिज़ाइनर्स ने इस कलेक्षन में सिल्क व नेट का इस्तेमाल हरा, लाल, पीला आदि रंगों में बेहद खूबसूरत तरीके से किया।

अंत में गौरव जय गुप्ता एवं विष्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अषोक गुप्ता ने छात्राओं को पुरस्कार वितरित किये एवं उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हमारे संस्थान का हमेशा से ही प्रयास रहा है कि छात्राओं का सर्वांगिक विकास हो और वह उन्नति के नये आयाम स्थापित कर सकें एवं उन्हें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का उचित अवसर मिल सके। यह फैशन शो इसी श्रृंखला में एक प्रयास है।

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