काॅर्पोरेट देनदारों के लिए व्यक्तिगत गारंटरों की दिवालियापन प्रक्रिया को समझाया - Pinkcity News

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Sunday, 12 January 2020

काॅर्पोरेट देनदारों के लिए व्यक्तिगत गारंटरों की दिवालियापन प्रक्रिया को समझाया

- ‘इनसोल्वेंसी एवं बैक्रप्टेंसी ऑफ़ पर्सनल गारंटर्स टू कारपोरेट डेटर्स' पर सेमिनार का आयोजन 
जयपुर, 12 जनवरी।  इन्सोल्वेंसी एवं बैक्रप्टेंसी कानून में पर्सनल गारंटर को लेकर आए नए नियमों में 15 नवंबर 2019 की अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने 1 दिसंबर, 2019 से दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 को प्रभावी रूप से लागू किया है। यह इन्सोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी ऑफ़ इंडिविजुअल्स एंड पार्टनरशिप फर्म्स से निपटने के लिए है और यह काॅर्पोरेट देनदार के व्यक्तिगत गारंटियों पर लागू होगा। ये कहना था ऑन इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड समिति के अध्यक्ष और केन्द्रीय परिषद के सदस्य सीए प्रकाश शर्मा का, वे जयपुर में पहली बार आयोजित हुई ‘इनसोल्वेंसी एवं बैक्रप्टेंसी ऑफ़ पर्सनल गारंटर्स टू कारपोरेट डेटर्स‘ सेमिनार में बोल रहे थे।

आईसीएआई, जयपुर ब्रांच में में इनसोल्वेंसी एवं बैक्रप्टेंसी कोड कमेटी आईसीएआई, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इनसोल्वेंसी प्रोफेशनल्स आईसीएआई (आइआइआईपीआई) इनसोल्वेंसी बैक्रप्टेंसी बोर्ड ऑफ़ इंडिया (आईबीबीआई) एवं आईसीएआई, जयपुर ब्रांच के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।  

इस वर्कशाॅप के वक्ता आईआईबीआई से सरम संतोष, इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल मधूसुदन शर्मा, एवं इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल सीए प्रवीन आर. नवंदर मौजूद रहे। 

इस मौके पर सीए प्रकाश शर्मा ने कहा कि अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संहिता के प्रावधान केवल तभी तक लागू किए जाएंगे, जब तक वे एक गारंटर के लिए लागू होते हैं। इस प्रकार, यदि कोई व्यक्ति काॅर्पोरेट देनदार का गारंटर नहीं है, तो ऐसे व्यक्ति पर प्रावधान लागू नही होंगे। श्री ताराचन्द कुमावत, ने धन्यवाद देते हुए कहा कि इस कोड के प्रावधान एक काॅर्पोरेट गारंटर के लिए एक व्यक्तिगत गारंटर की इनसाॅल्वेंसी रिजाॅल्यूशन प्रक्रिया के संबंध में व्यापक प्रक्रिया के साथ लागू किए गए है। श्री सरम संतोष, ने फंडामेंटल ऑफ़ पर्सनल इंसोल्वेंसी एंड बैक्रप्टेंसी की आवश्यक प्रक्रियाओं को बताते हुए कहा कि अंतरिम फाईनेंस के लिए बाजार को विकसित करने के साथ-साथ व्यत्तिगत दिवाला ढांचे का संचालन करना रेगुलेटर के लिए प्राथमिकताओं में से एक है।

मधूसुदन शर्मा, ने काॅर्पोरेट देनदारों के लिए व्यत्तिगत गारंटरों की दिवाला संकल्प प्रक्रियाओं के नियमों एवं विनियमों पर प्रकाश डाला। सीए प्रवीन आर. नवंदर ने काॅर्पोरेट देनदारों के लिए व्यक्तिगत गारंटरों की दिवालियापन प्रक्रिया के नियमों एवं विनियमों को समझाया। जयपुर ब्रांच ने कार्यक्रम अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया। 

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