सेव द चिल्ड्रन की कार्यशाला में बालिकाओं ने उठाये मुद्दे; कहा- शिकायत के बाद भी नहीं रुकते बाल विवाह - Pinkcity News

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Monday, 16 December 2019

सेव द चिल्ड्रन की कार्यशाला में बालिकाओं ने उठाये मुद्दे; कहा- शिकायत के बाद भी नहीं रुकते बाल विवाह

जयपुर : बाल विवाह एक बड़ी समस्या है, हम रोकथाम के लिए प्रयास करते हैं पर शिकायत के बाद भी नहीं रुकते हैं बाल विवाह। पुलिस परिवारों की समझाइश करके अपनी जिम्मेदारी से बच जाती है और परिवार गुपचुप तरीके से बाल विवाह कर देते हैं। जिनका बाल विवाह रुकता है और जो बाल विवाह रुकवाने की सूचना देते हैं दोनों के लिए सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है। साझा अभियान, महिला एवं बाल विकास विभाग,  राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं सेव द  चिल्ड्रन द्वारा आयोजित " बाल विवाह की रोकथाम एवम यौन व प्रजनन स्वास्थ्य सम्मेलन में उड़ीसा, बिहार व राजस्थान के विभिन्न जिलों से आई किशोरी बालिकाओं ने अधिकारियों से सीधे सवाल पूछे।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन संगीता बेनीवाल ने कहा कि बच्चों को अन्याय व हिंसा के खिलाफ सतर्क होना होगा और आवाज़ उठानी होगी। बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना समाज की ज़िम्मेदारी है और हमें मिल जुल कर काम करना होगा। साझा प्रयासों से ही हम प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बना सकते हैं। श्री नरेश ठकराल,  आई ए एस, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने स्वयं सेवी संघटनों के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि बाल विवाह बच्चों से ज़िन्दगी जीने का अधिकार छीन लेते हैं, उन पर कम उम्र में बड़ी ज़िम्मेदारियाँ थोप दी जाती हैं। कमज़ोर स्वास्थ्य और आर्थिक कुचक्र में एक जीवन उलझ जाता है। हमें समाज को शिक्षित बनाना होगा, शिक्षा बदलाव का बड़ा माध्यम है। बाल अधिकारिता विभाग की आयुक्त और सचिव वीना प्रधान ने कहा कि तमाम प्रयासों से बाल विवाह कम तो हुए हैं लेकिन पूरी तरह से रुके नहीं हैं। हमें समुदाय से जाजम पर बात करनी होगी। समुदाय और सरकार के साझे प्रयास से ही हम राजस्थान को बाल विवाह मुक्त बना पाएंगे। गर्ल्स नॉट ब्राइड अलायंस के अरविंद ओझा और राजस्थान बाल संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ विजेंद्र सिंह ने भी अपने अनुभव साझा किए।
यौन व प्रजनन स्वास्थ्य सत्र में डॉ मीता सिंह के साथ अजपा चौमाल, निधि पुरोहित एवम डॉ नरेंद्र गुप्ता ने किशोरियों से संवाद कर उनके सवालों के जवाब दिए। इस अवसर पर सेव द चिल्ड्रन द्वारा किशोर-किशोरियों के लिए तैयार शिक्षण प्रशिक्षण सामग्री खेल खेल में बढ़ाएं ज्ञान का लोकार्पण बच्चों व् अतिथियों ने मिल कर किया ।
 सम्मेलन में प्रदेश भर के स्वयं सेवी संघटनों तथा उड़ीसा , बिहार व् राजस्थान के विभिन्न जिलों से आये किशोर किशोरियों ने भाग लिया।

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