एमएसएमएस द्वितीय संग्रहालय में युवा कलाकारों की आर्ट एग्जीबिशन ‘मीराकी' की हुई शुरूआत - Pinkcity News

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Saturday, 23 November 2019

एमएसएमएस द्वितीय संग्रहालय में युवा कलाकारों की आर्ट एग्जीबिशन ‘मीराकी' की हुई शुरूआत

25 नवंबर तक चलेगी एग्जीबिशन; तसेलेशन, पिक्सल आर्ट, वर्ड आर्ट, साइनोटाइप तथा पेन एंड इंक सहित कला के विभिन्न रूप प्रदर्शित किए जा रहे हैं


जयपुर, 23 नवंबर। सिटी पैलेस के महाराजा सवाई मान सिंह (एमएसएमएस) द्वितीय संग्रहालय में आज युवा कलाकारों की आर्ट एग्जीबिशन ‘मीराकी‘ की शुरूआत हुई। राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर के पेंटिंग डिपार्टमेंट के पूर्व एचओडी, शब्बीर हसन काजी ने इसका उद्घाटन किया। इस एग्जीबिशन में 100 से अधिक बच्चों द्वारा कलाकृतियों एवं फोटोग्राफी के विभिन्न रूपों को प्रदर्शित किया जा रहा है ‘मीराकी‘ एग्जीबिशन का आयोजन दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), जयपुर के सहयोग से किया जा रहा है।

इस अवसर पर काजी ने कहा कि स्टूडेंट्स के अत्यधिक कौशल व प्रतिभा को प्रदर्शित करने वाली यह एग्जीबिशन अनूठी कलाकृतियों का अद्भुत प्रदर्शन है। बच्चों को मूल कलाकृतियां बनाने पर ध्यान देने की आवश्यकता है। हालांकि वे प्रेरणा के लिए कला के मौजूदा रूपों से अवधारणाएं ले सकते हैं, लेकिन अपनी स्वयं की कला बनाना अधिक महत्वपूर्ण है।

डीपीएस, जयपुर की प्रिंसिपल, संगीता कैन ने ‘मीराकी‘ में बच्चों द्वारा प्रदर्शित की जा रही विभिन्न कलाकृति की सराहना की। उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स ने कई प्रकार की व्यावसायिक कलाकृतियां बनाई है, जो उनकी उम्र के अनुसार कल्पना से परे हैं। उन्होंने बताया कि यह एग्जीबिशन 25 नवंबर तक चलेगी।

एग्जीबिशन में दिल्ली पब्लिक स्कूल, जयपुर के नवोदित कलाकारों द्वारा कला के विभिन्न रूप प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिनमें तसेलेशन, पिक्सल आर्ट, वर्ड आर्ट, साइनोटाइप, पेन एंड इंक, पोर्ट्रेट, कैरिकेचर, नेचर पेंटिंग व इलस्ट्रेशन शामिल हैं। इस एग्जीबिशन का एक मुख्य आकर्षण ‘ट्री ऑफ लाइफ’ है, जो दैनिक जीवन की भावनाओं का एक पौराणिक प्रतिनिधित्व है, जिन्हें इंद्रधनुष के विभिन्न रंगों में प्रदर्शित किया गया है। इसी प्रकार स्टूडेंट्स के लिए ‘लाइव पेंटिंग‘ एक्टिविटीज भी आयोजित की जा रही है।

इस अवसर पर कक्षा 6 से 12 तक के करीब 40 स्टूडेंट्स की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। संस्कृत श्लोक तथा गणेश वंदना की नृत्य प्रस्तुति के साथ इसकी शुरुआत हुई। इसके पश्चात स्टूडेंट्स द्वारा ‘ईश्वर अल्लाह तेरे नाम‘ और ‘ऐ मलिक तेरे बंदे हम‘ जैसी लोकप्रिय भारतीय प्रार्थनाएं प्रस्तुत की गई। इनके अलावा थिएटर प्रस्तुति ‘जयपुर हेरिटेज की कहानी अकबर बीरबल की जुबानी‘ भी दी गई। वेस्टर्न फ्यूजन परफॉर्मेंस ‘अबके सावन ऐस बरसे’ के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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