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Monday, 25 November 2019

वीटी रोड मानसरोवर चौराहे को मिला नाम, पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ महापौर विष्णु लाटा ने किया मां गायत्री चौराहे का लोकार्पण

जयपुर।  देवसंस्कृति पुष्टीकरण लोकाराधन 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की दूसरी वर्षगांठ पर रविवार को वीटी रोड मानसरोवर में महापौर विष्णु लाटा ने सैंकड़ों गायत्री परिजनों की उपस्थिति में माँ गायत्री चौराहे के नामकरण और लोकार्पण किया। इस दौरान  चौराहे पर  गायत्री महामंत्र की स्वर  लहरिया  और जयकारे गुंजायमान होते रहे । महापौर ने गायत्री परिवार की ओर से संचालित किए जा रहे विभिन्न कार्यों की चर्चा करते हुए मुक्त कंठ से प्रशंसा की। चेतना केंद्र मानसरोवर के व्यवस्थापक भोजराज पारीक सहित वरिष्ठ गायत्री परिजनों ने महापौर का दुपट्टा, माल्यार्पण तथा साहित्य भेंट कर अभिनंदन किया। इससे पूर्व सुबह 7.30 बजे से 8.30 बजे तक  125 से ज़्यादा गायत्री परिजनों ने मिलकर एक साथ सामूहिक गायत्री मंत्र के जप के माध्यम से सवा लाख गायत्री मंत्र का दिव्य अनुष्ठान किया। जप के बाद सभी साधकों ने सामूहिक सूर्यार्घ्दान किया।
माँ गायत्री चौराहे के लोकार्पण के बाद पंच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ हुआ। व्यासपीठ से गिरधर गोपाल आसोपा ने यज्ञ के दिव्य संदेश को जीवन में उतारने का आह्वान करते हुए कहा कि यज्ञ और गायत्री इस संसार की धुरी है। यज्ञ और सत्कर्म वे दो पंख हैं जिनके आधार पर स्वर्ग की यात्रा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हम देवता की उपासना करते हैं, देवता वह होते हैं जो सदैव देते रहते हैं। हमारे अंदर भी देवत्व का अर्थात समाज को कुछ देने का गुण होना चाहिए।  यज्ञ की ऊर्जा को समाज में बांटना चाहिए। समाज में जो वर्ग जरूरतमंद है, दीन हीन है उनकी सहायता करनी चाहिए। समाज में सत प्रवृत्तियों के विस्तार और दुष्ट प्रवृत्तियों के उन्मूलन के लिए अपने समय, साधन, धन, ज्ञान का एक अंश अवश्य लगाना चाहिए। भक्त भूषण  वर्मा, दिनेश आचार्य ने  प्रज्ञा गीतों के माध्यम से भाव संवेदना जागृत की। यज्ञ में सैकड़ों परिजनों ने यज्ञ भगवान को विश्व कल्याण की कामना के साथ गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र के साथ आहुतियां अर्पित की । इस अवसर पर करीब एक दर्जन लोगों के जन्म दिवस और विवाह दिवस संस्कार मनाए गए । आयोजन स्थल पर महिला मंडल की संगोष्ठी भी हुई जिसमें अधिक से अधिक संख्या में कन्या कौशल शिविर लगाने का निर्णय लिया गया। अखिल विश्व गायत्री परिवार राजस्थान जोन के प्रभारी अंबिका प्रसाद श्रीवास्तव ने मिशन के कार्यों को अधिक से अधिक समय देने का आह्वान किया। यज्ञ के बाद 600 से अधिक गायत्री परिजनों ने अन्नकूट प्रसादी ग्रहण की।

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