रावण के विनाश का कारण शराब और मांस : उमाकान्त महाराज - Pinkcity News

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Tuesday, 8 October 2019

रावण के विनाश का कारण शराब और मांस : उमाकान्त महाराज


जयपुर।  एक दिवसीय प्रवास पर जयपुर पधारे विश्वख्यात संत बाबा उमाकान्त जी महाराज ने दशहरा पर्व के अवसर पर जयपुर में झोटवाड़ा स्थित कारगिल शहीद मंगेज सिंह वीर चक्र पार्क में सतसंग देते हुए फरमाया कि आज दशहरा का पर्व सारे देश मे मनाया जाता है आज भगवान राम ने रावण का अंत किया । वैसे रावण उत्तम कुल पुलस्थ मुनि का नाती था चार वेद, छह शास्त्र, 18 पुराणों का ज्ञाता था । और इतना बड़ा शिव भक्त था कि गर्दन काट कर चढ़ा देता था । लेकिन उसमें 2 बुराइया थी एक शराब पीता था और दूसरा मांस खाता था जिसके कारण उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई और सीता माता का हरण कर लिया। जिससे उसका सर्वनाश हो गया। इसलिए आज पूरे देश में उसके पुतले का दहन किया जाता है । इतनी खराब चीज है शराब और मांस।
इसलिए अगर शराब देश मे बन्द करवा दी जाए तो 50%  अपराध देश से खत्म हो जाएंगे ।
इसलिए आप सभी से प्रार्थना है कि आप सभी धर्म, जाती , भाषा के लोग शाकाहारी सदाचारी हो जाये । और सन्त महात्मा से रास्ता लेकर ईश्वर की सच्ची पूजा इबादत करे जिससे आपका लोक और परलोक दोनो बन जाये।

अंतराष्ट्रीय नशा मुक्त शाकाहारी समागम 19 व 20 को दिल्ली में, बाबा उमाकान्त जी महाराज ने किया आह्वान :-

बाबा जयगुरुदेव संगत राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष वैध रामकरण शर्मा ने बताया कि बाबा उमाकान्त जी महाराज जी द्वारा 19 व 20 अक्टूबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त शाकाहारी समागम (सम्मेलन) का आयोजन किया जा रहा है विशेष बात ये है कि इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ना केवल भारत के लाखों शाकाहारी भक्त बल्कि अमेरिका,नेपाल, मलेशिया, कतर, ओमान, श्री लंका, इग्लैंड, मॉरीशस, बहरीन,भूटान,थाईलैंड ऑस्ट्रेलिया,ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग, सिंगापुर, चीन समेत लगभग हज़ारों शाकाहारी और जीव दया का भाव रखने वाले लोग राम लीला मैदान आ रहे है। जहाँ महाराज जी दो दिनों तक सतसंग के माध्यम से देश ने शाकाहारिता और नशा मुक्त रहने का आह्वान करेंगे । ऐसा अनुमान है कि ये दुनिया मे शाकाहार और नशा मुक्ति का आब तक का भारत में सबसे बड़ा समागम होगा।
जयपुर सत्संग में महाराज जी ने भक्तो को ईश्वर प्राप्ति का रास्ता नामदान भी दिया। बड़ी संख्या में गुलाबी वस्त्र पहनकर आये भक्तों न सत्संग के पश्चात महाराज जी ने दर्शन भी दिया । स्थानीय संगत द्वारा यहाँ बाहर से आये लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गईं।

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