कैनवास वर्कशॉप में साकार हुई मनोभावों की अभिव्यक्ति - Pinkcity News

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Saturday, 19 October 2019

कैनवास वर्कशॉप में साकार हुई मनोभावों की अभिव्यक्ति

जयपुर आर्ट एक्सपो में कलाकारों ने उत्सव-त्योहार की परंपराओं को कैनवास पर उकेरा, चार दिवसीय एक्सपो का आज होगा समापन
जयपुर, 19 अक्टूबर। एंटरटेनमेंट पैरेडाइज में जारी जयपुर आर्ट एक्सपो 2019 के तीसरे दिन शनिवार को भी कलाप्रेमियों का तांता लगा रहा और आगंतुकों ने देश के विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों ने अपने सृजन से लोगों रू-ब-रू करवाया। कला आकार फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस एक्सपो में सांयकाल कलाकारों ने भारत और राजस्थान के उत्सव एवं त्योहारों की परंपराओं को रंग व कूची से कैनवास पर उकेरा और उनकी खूबसूरती को साकार किया। एक्सपो में कवयित्री-चित्रकार बेला व्यास की पुस्तक के कवर पेज "आखरी खत" का विमोचन बहरोड़ विधायक बलजीत यादव ने किया। जयपुर आर्ट एक्सपो का रविवार को समापन होगा। कला आकार फाउंडेशन की संस्थापक जया अरोड़ा ने बताया कि एक्सपो में दिल्ली की युवा चित्रकार शालू और स्वीटी की लैंडस्केप और एब्स्ट्रैक्ट आर्ट पेंटिंग्स बरबस ही विजिटर्स का ध्यान आकर्षित करती हैं। दोनों कलाकार गहरी मित्र होने के साथ ही कला विषय की गहराइयों को बखूबी समझती हैं और उनका यह दोस्ताना उनके सृजन में भी झलकता है। जयपुर में पहली बार ड्यूल सोलो एग्जीबिशन लगाने आई स्वीटी और शालू को राजस्थान का कल्चर और हैरिटेज में भवनों के झरोखे और मेहराब खासे पसंद है और वे भविष्य में इसे कैनवास पर उतारने की ख्वाहिश रखती हैं।
त्रिवेंद्रम से आये सीनियर आर्टिस्ट एस. विपिनाचंद्रन ने अपनी कृतियों में प्रकृति की तीसरी आंख को उकेरकर प्रदर्शित किया है। मानवीय कारणों से नेचर को होने वाले नुकसान की ओर इशारा करते हुए वे चमोली में अलखनंदा नदी के प्रवाह, गढ़वाल के जनजीवन को वाटर कलर्स के साथ ही पेंसिल स्केचेज़ को प्रदर्शित कर रहे हैं। मुम्बई से आये अचल जैन यू तो पेशे से आर्किटेक्ट हैं, लेकिन कला के प्रति जूनून ने उन्हें कुछ अलग हटकर करने की प्रेरणा दी और ग्राफिक पेन और रोटेटिंग पेन से मिनिएचर आर्ट वर्क को ट्रेसिंग पेपर पर तैयार किया है। उनके ब्लैक एंड व्हाइट क्रिएशंस के साथ कलर्स का कॉम्बिनेशन हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है।
दिल्ली की ही आरती मेहता अपने क्रिएशन को अभिव्यक्ति नाम देती हैं। एक्रेलिक ऑन कैनवास पर बनाई गई उनकी पैंटिंग में उनके मनोभाव स्पष्ट रूप से झलकते हैं। पेशे से ज्योग्राफी टीचर आरती मेहता नेचर और लैंडस्केप आइटम्स उकेरने के लिए अपने स्टूडेंटस को प्रेरणास्रोत मानती हैं। उन्होंने अपनी अधिकांश पेंटिंग्स नाइफ आर्ट से तैयार की हैं।

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