अजमेर, बीकानेर एवं भरतपुर में स्थापित होंगे नए उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र - Pinkcity News

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Wednesday, 23 October 2019

अजमेर, बीकानेर एवं भरतपुर में स्थापित होंगे नए उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र

जयपुर एवं जोधपुर में इनोवेशन हब का कार्य पूरा करने के निर्देश
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 जयपुर, 23 अक्टूबर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की शासन सचिव मुग्धा सिन्हा ने कहा है कि जयपुर एवं जोधपुर में इनोवेशन हब का कार्य 28 फरवरी, 2020 तक पूरा किया जाये। उन्होंने कहा कि इस कार्य छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। अतः इसमें ढिलाई बर्दाश्त नही की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी विज्ञान केन्द्रों की गैलरीज को अपग्रेड करने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेंजे।
सिन्हा ने गुरूवार को यहां सचिवालय में राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के निदेशक, स्वायत्त शासन विभाग एवं विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि अजमेर, बीकानेर एवं भरतपुर में उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र खोलने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
      शासन सचिव ने कहा कि भरतपुर में स्थापित होने वाले उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र का तकनीकी परीक्षण कर लिया गया है तथा उन्होंने निर्देश दिए है कि राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के साथ निर्धारित मापदण्डों पर चर्चा कर इसे अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने अजमेर में प्रस्तावित उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र के डिजाइन एवं आर्किटेक्चर के लिए  राष्ट्रीय विज्ञान एवं संग्रहालय परिषद के अधिकारियों को कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने अजमेर स्मार्ट सिटी लि. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को कहा कि वे परिषद के साथ समन्वय बनाकर इस कार्य को पूरा करें।
सिन्हा ने कहा कि बीकानेर में भी उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र की स्थापना की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बीकानेर यू.आई.टी के अधिकारी कला एवं संस्कृति मंत्रालय से समन्वय स्थापित करे। जिससे उप क्षेत्रीय केन्द्र की स्वीकृति एवं वित्तीय अंशदान की कार्यवाही को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र खास कर राजकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए वैज्ञानिक जागरूकता का कार्य करते है। यहां विद्यार्थी नए प्रयोग कर सकते है तथा वैज्ञानिक प्रयोगों की वास्तविकता को भी जान सकते है।
      उन्होंने कहा कि विज्ञान की शिक्षा के लिए ये केन्द्र विज्ञान की गतिविधियों के द्वारा वैज्ञानिक निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह केन्द्र इनोवेशन हब, डिजाईन लेब, रोबोटिक जैसी सुविधाओं के रूप में विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि कोटा उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र में 60 लाख रूपये के मॉडल्स बनाए जाएंगे।
      इस अवसर पर राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के निदेशकसमरेन्द्र कुमार ने विज्ञान केन्द्रों की वैज्ञानिक गैलरीज को अपग्रेड करने के लिए भारत सरकार की योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि परिषद की ओर से विभाग को पूर्णतया सकारात्मक सहयोग प्रदान किया जाएगा।   

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