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Thursday, 17 October 2019

’’हाइवे टू ए 100 यूनिकार्नस्’’ का प्रथम सत्र : युवा उद्यमियों को आगे लाकर लोगों के जीवन में बदलाव करना होगा

जयपुर, 17 अक्टूबर। राज्य सरकार एवं माइक्रोसॉफ्ट के संयुक्त तत्वाधान में गुरूवार को यहां आयोजित ’’हाइवे टू ए 100 यूनिकार्नस्’’ कार्यक्रम के प्रथम सत्र ‘वेंचर कैपिटल और इंवेस्टमेंट सेशन’ को संबोधित करते हुए श्री राजेश डेंबला, फाउंडर यूनिकोर्न ने कहा कि राज्य में स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए यह एक अच्छा प्रयास है। उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप कर रहे उद्यमी को अपने उपभोक्ता की मांग को समझते हुए निवेश के साधनों के बारे में सोचना चाहिए।
       सत्र की शुरूआत से पहले माइक्रोसॉफ्ट के कन्ट्री पब्लिक हैंड मनीष ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट का यह कार्यक्रम एक माइल स्टोन है तथा अलग-अलग क्षेत्रों में साझेदारी कर जहां एक ओर युवा उद्यमियों को आगे बढ़ा रहा है वहीं दूसरी और लोगों के जीवन में भी बदलाव ला रहा है। दूर-दराज के क्षेत्रों में आमजन को सुगम जीवन जीने के प्रति राह भी प्रेरित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईको-सिस्टम के अन्तर्गत शिक्षा, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के जीवन तथा सार्वजनिक क्षेत्रों के अन्य विषयों में स्टार्टअप के द्वारा युग के साथ समाहित कर रहा है।
       सत्र में राहुल अग्रवाल, फाउंडर सेन्सस एआई ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे नवीनतम तकनीकों का प्रयोग करते हुए स्टार्ट अप उद्यमी अपने उपभोक्ता वर्ग की मांग को आसानी से समझ सकते है तथा इससे स्टार्ट अप को वैश्विक स्तर पर पहुंचने का मौका भी मिलेगा।
       सत्र में विवेक खण्डेलवाल, फाउंडर आई जू टू ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में बहुत से युवा यहां से शिक्षा प्राप्त कर मैट्रो शहर जैसे बैंगलोर, मुम्बई, दिल्ली में अपना स्टार्ट अप विकसित कर रहे है, उन युवाओं को अपने क्षेत्र में आकर यहां स्टार्ट अप की शुरूआत करनी चाहिए जिससे राज्य के विकास में भी वे भागीदार बन सकें।
       इस अवसर पर महावीर प्रसाद शर्मा, अध्यक्ष टीआईई इंडिया एंजल्स ने कहा कि स्टार्ट अप कर रहे युवाओं को निवेश इकट्ठा करने से पहले इस बात की जानकारी रखनी चाहिए कि वह उत्पाद उपभोक्ता के प्रयोग में कैसे आ सकता है तथा प्रतिस्पर्धा के बारे में ना सोचकर नवाचारों के बारे में सोचना चाहिए। सत्र का संचालन लेथिका पाई, माइक्रोसॉफ्ट स्टार्ट अप की कन्ट्री हैड ने किया।
       एक अन्य सत्र ‘टैक्नोलॉजी ट्रैक सेशन’ को संबोधित करते हुए श्री विनायक हैज, सीईओ, माइक्रोसॉफ्ट स्टार्ट अप ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड का प्रयोग स्टार्ट अप उद्यमी द्वारा अपने उद्यम को विकसित करने में किया जा सकता है। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट एज्योर की प्रस्तुतिकरण से विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से एप्लीकेशन विकसित कर रहे उद्यमी को लेंग्वेज, डेटाबेस, रिसर्च, उत्पाद की जानकारी सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। उन्होंने कहा कि एज्योर एक खुला संसाधन है जिसे सार्वजनिक तौर पर कोई भी प्रयोग कर सकता है साथ ही उद्यमी के डेटा को सुरक्षित रखने का भी यह उचित प्लेटफाॅर्म है।

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