निजी बाइक वाले डिलीवरी बॉयज को अवैध घोषित करने के विरोध में हड़ताल - Pinkcity News

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Friday, 27 September 2019

निजी बाइक वाले डिलीवरी बॉयज को अवैध घोषित करने के विरोध में हड़ताल

Image result for पीपुल्स green partyजयपुर, 27 सितंबर। पीपल्स ग्रीन पार्टी के अध्यक्ष डॉ सुधांशु ने हाल में राज्य सरकार द्वारा मोटर बाइक का उपयोग कर अपने परिवार का पेट पालने वाले 20000 से अधिक नौजवानों को गैर कानूनी करार दिये जाने की निंदा करते हुए इसके विरोध का ऐलान किया है।
 डॉ सुधांशु ने दावा किया है कि राजस्थान सरकार के आरटीओ विभाग और पुलिस की आंखों में इन दिनों चमक आ गयी है। हाल में सरकार ने बिना किसी कानून के बाइक सवारों को कमर्शियल किये जाने का तुगलकी मौखिक आदेश प्राइवेट कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जारी किया है। जब कि राज्य में लागू विभिन्न परिवहन संबंधित एक्ट में ऐसा कोई कानून नहीं है। उन्होंने कहाकि बड़ी कंपनियां अपनी ब्रांडिंग करना चाहती है एवम छोटी कंपनियों औऱ निजी स्तर पर कार्यरत लोगों से मिल रही चुनौतियों को समाप्त करने के लिए सरकार को खरीद रही है। अपना हित साधने के लिए सरकार जनता और मीडिया को दिखावे के लिए छोटे राजस्व की हानि होने की बात कह रही है।
ऐसी घोषणा से बाइक पर धूप, बरसात की परवाह किये बिना दौड़ रहे स्विगी, जोमैटो, उबर ईट्स, अमेजॉन इत्यादि पचासों कंपनियों के डिलीवरी बॉयज और निजी स्तर पर कार्यरत स्टार्ट अप्स में कार्य करने वाले युवा अवैध हो गए है।
लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने में असफल रहने वाली सरकार अपने स्तर पर रोजगार की कोशिश करने वालों के पीछे अपने उड़न दस्ते दौड़ा रही है। गरीब युवाओं को गुलाम बनाने की साजिश के तहत काटे जा रहे चालान पर किसी कानून के सेक्शन का हवाला नहीं होता। डॉ सुधांशु ने इस तुगलकी फरमान को सरकार और कंपनियों की सांझा साजिश करार देते हुए राज्य में डिलीवरी में लगे 20000 युवाओं की हड़ताल पर जाने की घोषणा की।
इंडियन पीपल्स ग्रीन पार्टी  ने अपनी संगठक यूनियन इंडियन डिलीवरी लॉयन्स आर्गेनाईजेशन के समर्थन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को आज यहां पिंकसिटी प्रेस क्लब में  सम्बोधित किया। पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि यदि एक बेरोजगार नौजवान स्वाभिमान और ईमानदारी से कुछ रुपये कमा कर अपनी भूख मिटाए या पढ़ाई का लोन चुकाए तो सरकार और उसकी एजेंसियों के पेट मे दर्द क्यों हो रहा है? डॉ सुधांशु ने आशंका जताई कि अब सरकार के अफसर आगे से दूध बेचने वाले, घर घर अखवार डालने वाले और दफ्तर की फ़ाइल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने पर भी टैक्स लगाने की सोच सकते है।
डॉ सुधांशु ने हाल में जारी सरकारी आदेशों को भारत के सविंधान की भावना के विपरीत ठहराते हुए कहा कि अब ये युवा भले जेब कतरे बन जाये, लूटपाट करें या सड़को पर उतर आए तो इन्हें ठीक लगेगा, कोई स्वयं बिना सरकारी सहायता के कमा खाये ये सरकारी तंत्र को बर्दाश्त नहीं।

इस अवसर पर उपस्थित डिलीवरी लॉयन्स के अध्यक्ष धर्मेंद्र वैष्णव ने डिलीवरी करने वाले लड़कों के दुःख को सांझा करते हुए सरकार से तुरंत राहत की मांग की। उन्होंने कहा कि यूनियन प्राइवेट वाहन चालक के श्रम को सम्मान दिलाना चाहती है। इन्हें इंस्पेक्टर और टैक्स से बचाना चाहती है। आज़ादी से अपने काम को करने का हक दिलाना चाहती है। यूनियन के उपाध्यक्ष जगजीत सिंह एवम प्रवक्ता आशीष अरोड़ा ने कहा कि यूनियन की हड़ताल एक अहिंसक अपील होगी एवम युवा सरकारी तंत्र को सद्बुद्धि मिल सके इसकी ईश्वर से प्रार्थना करेंगे।
प्रेस कॉन्फेंस में सैंकड़ो बाइक चालकों के अलावा पीपल्स ग्रीन के नेता एडवोकेट कपिल, डॉ तन्मय, इंजीनियर गौरव, श्याम यादव, योगेश कुंतल एवम मुकेश सोलंकी आदि अनेक मौजूद थे।

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