चांदपोल के रामचन्द्र मंदिर से 11 सितम्बर को निकलेगी भरत मिलाप परिक्रमा - Pinkcity News

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Tuesday, 10 September 2019

चांदपोल के रामचन्द्र मंदिर से 11 सितम्बर को निकलेगी भरत मिलाप परिक्रमा


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जयपुर।  चांदपोल बाजार स्थित रामचन्द्र मंदिर में 11 सितम्बर को ठाकुरजी की नगर परिक्रमा निकली जाती है,जिसको भरत मिलाप परिक्रमा भी बोला जाता है। महंत राधेश्याम तिवाड़ी कि यह परिक्रमा मंदिर स्थापना के समय से ही निकली जाती रही है। रजवाडो के समय का विशाल रथ जिसको 2 बैलों की जोड़ी से खींच जाता है।
शाम 6 बजे पहले रथ मंदिर से भरत व शत्रुघ्न स्वरूपों को लेकर घाटगेट स्थित स्वरूपों के मंदिर( नरसिंह जी के मंदिर) पहुँचता है। रथ पूरा सजधज कर सिंघासन, मखमल के कपड़े, फूल व बन्दरवाल आदि से तैयार होकर वहां पहुँच ता है। वहां वन स्वरूप रामजी लक्ष्मण जी सीताजी वनवेश मे रहते है। भरत जी के पहुचने पर वहां श्री राम भरत मिलाप का सुंदर कार्यक्रम होता है। शाम 8 बजे भरत जी उनको विनती आरती पूजा आदि करके राजसी वेश धारण करवा कर वहां से रवाना होते है। रथ के साथ पूरा लवाजमा होता है।
सबसे आगे पचरंगा पताका लिए हाथी चलता है उसके पीछे ऊंट,घोड़े, बैंड नगाड़ा, अडानी पंखे, व रथ के आगे रामधुन गाते हुए भक्तगण एवम मंदिर समाज के लोग।
रथ घाटगेट से होता हुआ सांगानेरी गेट पर हनुमान मंदिर रुकता है जहाँ ठाकुरजी का स्वागत होता है। इसी तरह रथ बड़ी चोपर ,तिर्पोलिया गेट ,छोटी चोपर ,से गुजरते हुए मंदिर श्री रामचन्द्र जी पहुचता है। रास्ते के सभी मुख्य मंदिरों में श्री रामजी के रथ का स्वागत किया जाता है।रात्रि 10 बजे तक परिक्रमा मंदिर पहुँच ती है जहां भव्य आरती के साथ श्री सीताराम जी का स्वागत किया जाता है। महंत राधेश्याम तिवाड़ी ने बताया
नगर परिक्रमा साल में सिर्फ भादवा की तेरस को ही निकली जाती है।

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