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Friday, 9 August 2019

सांभर साल्ट इलाके को पर्यटन केन्द्र के रूप में किया जाएगा विकसित

सांभर साल्ट को रसोई तक घर-घर पहुंचाने की बनेगी कार्य
योजना : उद्योग आयुक्त
जयपुर, 9 अगस्त। उद्योग आयुक्त डॉ.कृृष्णाकांत पाठक ने कहा है कि सांभर झील पर स्थित सांभर साल्ट इलाके को देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन केन्द्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने सांभर साल्ट में नमक की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ाने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए सांभर साल्ट की पहुंच आमजन तक पहुंचाने के भी निर्देश दिए हैं।
डॉ.पाठक शुक्रवार को उद्योग भवन में सांभर साल्ट के सीएमडी एके जैन के साथ राजकीय उपक्रम सांभर साल्ट की बोर्ड मिटिंग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सांभर साल्ट की अपनी विशिष्ठ पहचान और गुणवत्ता को देखते हुए इसकी पहुंच घर की रसोई तक पहुंचाने के ठोस प्रयास करने होंगे।
उद्योग आयुक्त ने कहा कि सांभर झील में नमक उत्पादन के साथ ही इस क्षेत्र के ऎतिहासिक व धार्मिक महत्व को देखते हुए पर्यटन केन्द्र के रूप में भी विकसित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि एक ओर कई जिलों तक विस्तारित झील, विदेशी पक्षियों का डेरा, देवयानी व शाकंभरी मां के मंदिर और पास ही दादूपंथियों के संत दादूदयाल की तपस्थली और इससे भी खास यह कि राजधानी जयपुर के पास होने से पर्यटन की दृृष्टि से यह महत्वपूर्ण स्थान बन सकता है। उन्होंने बताया कि इसकी लोकप्रियता और दर्शनीय स्थल का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि यहां पर जानी-मानी फिल्मों का छायांकन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सांभर साल्ट सस्ते आवास, भोजन सामग्री, घुमाने के लिए रेल या अन्य सुविधा और बच्चाें के लिए अन्य आकर्षक विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंंंने कहा कि इससे नमक के साथ ही सांभर साल्ट को अतिरिक्त आय हो सकेगी।
 सांभर साल्ट के सीएमडी एके जैन ने कहा कि सांभर साल्ट में रेल्वे ट्रेक उपलब्ध है और ट्रेन भी लगभग तैयार है, ऎसे में अन्य सुविधाएं विकसित कर राजधानी के पास ही पर्यटन का प्रमुख केन्द्र बन जाएगा। उन्होंनेकहा कि सांभर साल्ट को रिटेल मार्केट में अपनी पहुंच बनाने के साथ ही टर्नओवर को बढ़ाने का रोडमेप बनाकर आगे आना होगा।
 उपनिदेशक उद्योग साल्ट केके पारीक ने बताया कि सांभर साल्ट में 2.60 लाख टन से अधिक उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि लागत कम करके लाभप्रदता को बढ़ाया जा सकता है।



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