आमेर के मावठे को बीसलपुर के पानी से भरने पर प्रभावित नहीं होगी अजमेर और जयपुर जिले की पेयजल सप्लाई - Pinkcity News

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Saturday, 31 August 2019

आमेर के मावठे को बीसलपुर के पानी से भरने पर प्रभावित नहीं होगी अजमेर और जयपुर जिले की पेयजल सप्लाई

अजमेर में जनसंख्या के अनुरूप विभागीय नार्म्स से अधिक हो रही है पेयजल सप्लाई
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जयपुर, 31 अगस्त। जयपुर में आमेर के मावठे को बीसलपुर से भरने के लिए प्रायोगिक तौर पर किए जा रहे परीक्षण से यदि मावठा पूरी तरह भर जाता है तो इस स्थिति में अजमेर और जयपुर जिले को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की मात्रा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर मावठे में पानी आने से स्थानीय आमजन, वन्यजीव एवं पर्यावरण को लाभ होगा साथ ही इस क्षेत्र में ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज भी होगा।
जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव संदीप वर्मा ने बताया कि जलदाय विभाग द्वारा अजमेर जिले की कठिन भौगोलिक स्थिति के दृष्टिगत प्राथमिकता के आधार पर समुचित पेयजल आपूर्ति के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये गये है। वर्ष 2018 में वर्षा की कमी के कारण जब पेयजल सप्लाई में कटौती की गई थी, तो अजमेर के लिए पेयजल आपूर्ति में जयपुर की तुलना में कम कटौती की गई। वहीं अब बीसलपुर के भर जाने के बाद अजमेर जिले के लिए पेयजल की सप्लाई जयुपर की तुलना में अधिक बढ़ाई गई है।
उन्होंने बताया कि अजमेर शहर की वर्तमान आबादी लगभग 7 लाख है एवं बीसलपुर बांध में अच्छी जल आवक को देखते हुए अजमेर शहर के लिए पेयजल उत्पादन में वृद्धि कर वर्तमान में 130 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इस प्रकार अजमेर शहर की मौजूदा जनसंख्या के आधार पर 185 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति की दर से जल उपलब्ध करवाया जा रहा है, जो विभागीय नॉम्र्स 135 लीटर प्रतिदिन/प्रति व्यक्ति से अधिक है। चालू वर्ष में पर्याप्त वर्षा से बीसलपुर बांध के पूर्ण भर जाने के बाद जयपुर-टोंक जिले में पहले की तुलना में 10 प्रतिशत सप्लाई में बढोतरी की जा रही है, जबकि अजमेर जिले के लिए सप्लाई में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
श्री वर्मा ने बताया कि अजमेर जिले के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत बीसलपुर बांध है, जिसकी अधिकतम जल भराव क्षमता 315.5 आरएल मीटर है। बीसलपुर बांध में अजमेर जिले में पेयजल के लिए 5 टीएमसी एवं जयपुर-टोंक जिले के लिए 11.2 टीएमसी जल आरक्षित है। वर्ष 2018 में वर्षा की कमी के कारण वर्षा ऋतु की समाप्ति उपरान्त बीसलपुर बांध का जलस्तर  310.23 आरएल मीटर रहा था, इस कारण बांध से दैनिक पेयजल आपूर्ति में कटौती की गई थी। इसके तहत अजमेर जिले को माह अगस्त 2018 तक बीसलपुर बांध से प्रतिदिन 312 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। बांध में पानी की कम आवक के मध्यनजर बांध से अजमेर जिले के लिए पेयजल सप्लाई में एक अक्टूबर 2018 से 20 प्रतिशत कटौती करते हुए लगभग 256 एमएलडी जल प्रतिदिन उपलब्ध करवाया गया, इसमें से अजमेर शहर को 100-105 एमएलडी प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि अजमेर जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की डिजाइन डिमाण्ड के अनुसार वर्तमान जल मांग 341 एमएलडी प्रतिदिन है। बीसलपुर बांध में वर्ष 2018 में पेयजल की उपलब्धता में कमी हो जाने के कारण अजमेर शहर एवं जिले में पेयजल की आपूर्ति में लगभग 20 प्रतिशत कटौती करते हुए माह सितम्बर 2018 से 260 एमएलडी जल प्रतिदिन उपलब्ध करवाया जा रहा था। अब बीसलपुर में अच्छी आवक के बारण अजमेर शहर के लिए के लिए वर्तमान में 130 मिलियन लीटर पेयजल की आपूर्ति हो रही है।
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि जयपुर शहर एवं जिले में बीसलपुर के अतिरिक्त स्थानीय भूजल स्रोतों से भी आपूर्ति की जा रही है। जयपुर में वर्ष 2018 में बीसलपुर बांध में पेयजल की उपलब्धता में कमी हो जाने के कारण अजमेर जिले की तुलना में पेयजल सप्लाई में अधिक कटौती की गई थी। माह जून 2018 में जयपुर शहर में बीसलपुर से लगभग 381  एमएलडी प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति की जा रही थी, माह सितम्बर 2018 से 25 प्रतिशत कटौती करते हुए मात्र 286 एमएलडी आपूर्ति प्रारम्भ की गई। इसके पश्चात भी जयपुर शहर को आपूर्ति जल की मात्रा में उतरोत्तर अधिक कटौती करते हुए माह दिसम्बर 2018 में 260 एमएलडी, माह जनवरी 2019 में 243 एमएलडी तक प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति की गई। 
उल्लेखनीय है कि अजमेर शहर अरावली पहाड़ियों से घिरा हुआ है तथा इसकी भौगोलिक बसावट काफी ऊँची एवं नीची होने तथा पर्याप्त जल भण्डारण क्षमता उपलब्ध नहीं होने से शहर के सभी क्षेत्रों में समान जल वितरण के लिए वर्तमान में 48 घण्टे के अन्तराल में एक बार पर्याप्त दबाव से जल उपलब्ध करवाया जा रहा है। अजमेर शहर को 24 घण्टे में एक बार जल वितरण की मांग के निराकरण के लिए जलदाय विभाग द्वारा अमृत योजना एवं स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत स्वीकृति प्राप्त कर 103.00 करोड़ के कार्य कराए जा रहे है। इसके तहत राइजिंग एवं वितरण प्रणाली की पाईपलाईन, चार स्वच्छ जलाशय, दो उच्च जलाशय, पुराने पम्पसेटों के स्थान पर नए पम्प सेट लगाने तथा सभी क्षेत्रों में समान जल वितरण के उद्देश्य से मीटरिंग कार्य भी करवाए जा रहे है। अमृत योजना तथा स्मार्ट सिटी परियोजना के लगभग 60 प्रतिशत भौतिक कार्य पूर्ण कर लिए गए है। शेष बचे कायोर्ं को मार्च, 2020 तक पूर्ण किए जाने के प्रयास किए जा रहे है। परियोजना के सभी कार्य पूर्ण हो जाने पर अजमेर शहर को 24 घण्टे के अन्तराल में एक बार समान मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाया जाना संभव हो सकेगा।
 जयपुर शहर के आमेर क्षेत्र में भी पहाड़ी एवं ऊँचा-नीचा भू-स्तर, स्थानीय जल स्त्रोतों के सूख जाने तथा गत 8-10 वर्षो से क्षेत्र में अपर्याप्त वर्षा से भू-जल स्तर में अत्यधिक गिरावट दर्ज की गई है। लगभग सभी स्थानीय कुंएं, बावड़िया आदि सूख जाने की स्थिति में आमजन तथा स्थानीय वन्यजीव आदि के लिए पेयजल की बड़ी समस्या विद्यमान है। पूर्व में वर्ष 2012 में राज्य सरकार द्वारा ऎसी ही परिस्थिति के दृष्टिगत आमेर स्थित मावठे को प्रतिदिन 10 लाख लीटर पानी आपूर्ति कर जलाशय को भरा गया था, जिससे स्थानीय परम्परागत जल स्रोत रिचार्ज हुए तथा आमजन एवं वन्यजीव एवं पशुधन को फायदा हुआ।
जलदाय विभाग द्वारा जयपुर में आमेर के मावठे को बीसलपुर बांध से भरने के लिए किए जा रहे परीक्षण के बाद इसको पूर्ण क्षमता तक भर दिये जाने से स्थानीय स्रोतों के जलस्तर में 5 से 6 मीटर तक की वृद्धि संभावित है। वर्तमान में बीसलपुर बांध में पूर्ण भराव क्षमता तक पानी उपलब्ध है, आमेर मावठे की कुल भराव क्षमता लगभग 300 मिलियन लीटर है, जो कि बीसलपुर बांध से जयपुर शहर को  एक दिन की आपूर्ति के बराबर है।

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