नृत्यांगनाओं ने भरतनाट्यम के सात अंगों में दर्शाए शृंगार, वात्सल्य और रौद्र के अलहदा रूप - Pinkcity News

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Sunday, 14 July 2019

नृत्यांगनाओं ने भरतनाट्यम के सात अंगों में दर्शाए शृंगार, वात्सल्य और रौद्र के अलहदा रूप

नेचर विद् म्यूजिक में छलका नृत्य भावों का लालित्य
 जयपुर, 14 जुलाई। नृत्यांगनाओं ने राग रूपक में कर्नाटक पद्धति के रागों पर भाव -भंगिमाओं, मुद्राओं व अभिनय से शृंगार भाव,  वात्सल्य और रौद्र का अलहदा रूप दर्शाकर भरतनाट्यम का लालित्य छलका दिया। मौका था संगीत आश्रम संस्था की ओर से नेचर विद् म्यूजिक के तहत रविवार को शास्त्री नगर स्थित साइंसपार्क प्रांगण में संजोए क्लासिकल डांस प्रोग्राम में जिशा नायर, ऐश्वर्या नायर ने नाजों अदा के साथ विभिन्न तकनीक पक्षों का सुन्दरता से समावेश कर शहर की गुलाबी फिजा में उत्सवी सुरूर भर दिया। इससे पहले समाजसेवी ताराचंद जैन ने नटराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की विधिवत् शुरुआत की।
कर्नाटक पद्धति के रागों व रूपक ताल में पिरोयी नृत्य प्रस्तुति
कार्यक्रम का खास आकर्षण भरतनाट्यम नृत्य के सात अंगों का ताल रूपक में बेहतरीन संयोजन रहा। नृत्यांगनाओं के नयनाभिराम प्रदर्शन ने दर्शकों को आह्लादित कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुई। इसके बाद कलाकार जिशा नायर ने परम प्रस्तुति में नटखट बाल कृष्ण और मदर यशोदा के बीच संवादों को करीने से  दर्शाया। इसमें कृष्ण घर से बाहर जाकर खेलने की इच्छा जताते हैं। इस पर मां यशोदा उन्हें बाहर जाने से रोकती है, लेकिन कृष्ण के मवेशियों से अगाध प्रेम और बोलने की मासूमियत के आगे मां यशोदा उन्हें बाहर जाने की इजाजत दे देती है।
भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया
इसके बाद नृत्यांगना ऐश्वर्या नायर ने श्योलकम् की प्रस्तुति में भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया। इसमें दर्शाया गया कि शिवजी का शरीर ही नहीं  उनकी बोली भी शाश्वत है। उनके शरीर पर दमकते चन्द्रमा और सितारे उनके प्रिय गहनें हैं।
नृत्यांगना जिशा नायर ने तांडव प्रस्तुति में लॉर्ड शिवा का रौद्र रूप दर्शाया। इसमें लॉर्ड शिवा  को डांस के गॉर्ड नटराज के रूप में परिभाषित किया गया।
शृंगारिक भाव और भक्ति ट्रेडिशन को किया फोकस
कार्यक्रम में कलाकारों ने जठी स्वरम् के बाद पदम की प्रस्तुति दी। इसमें नायक- नायिका के शृंगारिक भावों और भक्ति ट्रेडिशन को  फोकस किया गया जो काफी रोचक रहा। जिशा नायर ने वरणम् और ऐश्वर्या नायर और रुद्र ने मंगलम् की प्रस्तुति अपने कार्यक्रम को विराम दिया। संचालन वीना अनुपम ने किया। अंत में संगीत आश्रम संस्था सचिव व संगीत निर्देशक अमित अनुपम ने सभी आगन्तुकों का आभार जताया।

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