गायत्री शक्तिपीठ में गुरु गीता के साथ गुरू पूर्णिमा महोत्सव 14 जुलाई से - Pinkcity News

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Saturday, 13 July 2019

गायत्री शक्तिपीठ में गुरु गीता के साथ गुरू पूर्णिमा महोत्सव 14 जुलाई से

अखिल विश्व गायत्री परिवार के लिए इमेज परिणाम
जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से गुरु पूर्णिमा महोत्सव 14 से 16 जुलाई तक ब्रह्मपुरी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाएगा। गायत्री परिवार राजस्थान जोन के प्रभारी अम्बिका प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि 14 जुलाई को दोपहर डेढ़ से अपराह्न चार बजे तक सामूहिक गुरु गीता के पाठ होंगे। गायत्री परिजन सपरिवार गुरु गीता का एक स्वर में पाठ करेंगे। दूसरे दिन 15 जुलाई को गायत्री शक्तिपीठ सहित सभी चेतना केन्द्रों पर अखण्ड गायत्री जप और दीप यज्ञों का आयोजन किया जाएगा। आने वाले समय में गुरु कार्यों में सक्रियता बढ़ाने के लिए अखण्ड जप के माध्यम से नई ऊर्जा का आह्वान किया जाएगा। गुरु पूर्णिमा का मुख्य आयोजन 16 जुलाई को ब्रह्मपुरी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में मनाया जाएगा।
सुबह आठ बजे पर्व पूजन के बाद पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ किया जाएगा। इस अवसर पर नए साधकों को गुरू दीक्षा प्रदान की जाएगी।
सरस निकुंज में गुरु पूर्णिमा 17 को:  पानो का दरीबा स्थित आचार्य पीठ सरस निकुंज में गुरु पूर्णिमा महोत्सव 17 जुलाई बुधवार को मनाया जाएगा। पीठ के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि 16 जुलाई  को खग्रास चंद्रगहण होने के कारण गुरु पूजन नहीं किया जाएगा। दोपहर में सूतक लगने से पूर्व दोनों समय की सेवा कर मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। 17 जुलाई बुधवार को शुक सम्प्रदायचार्य पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्यता में अनेक आयोजन होंगे। व्यास पूर्णिमा के उपलक्ष में ठाकुर राधा सरस बिहारी जू सरकार की झांकी आरती दर्शन सुबह 8 बजे होंगे। इसी क्रम में सेवा में विराजित गुरू आचार्यों की पादुका पूजन अर्चना की जाएगी। वेद व्यास महाराज के छवि चित्र की वेदोक्त मंत्रों से विशेष रूप से पूजा-अर्चना सुबह 8.30 बजे होगी। सरस परिकर से जुड़ वैष्णव शुक सपं्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरीशरण महाराज का पूजन कर आशीर्वाद लेंगे। नए भक्तों को कंठी दीक्षा भी प्रदान  की जाएगी।
लक्ष्मीनारायणजी करेंगे नौका विहार: बड़ी चौपड़ स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव 16 जुलाई को मनाया जाएगा। महंत पुरुषोत्तम भारती के सान्निध्य में सुबह आठ बजे ठाकुर श्री लक्ष्मीनारायणजी का पंचामृत अभिषेकर श्वेत पोशाक धारण कराकर सफेद पुष्पों से श्रृंगार किया जाएगा। ठाकुरजी को भोग भी धवल रंग के खाद्य प्रदार्थांे का लगेगा। लक्ष्मीनारायण धाम से जुड़े शिष्य महंत पुरुषोत्तम भारती का गुरू रूप में पूजन करेंगे।

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