फेफड़ों को खराब कर रहे हैं रिफाइन तेल नमक व शक्कर - Pinkcity News

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Wednesday, 5 June 2019

फेफड़ों को खराब कर रहे हैं रिफाइन तेल नमक व शक्कर

भूख नहीं समझे तो गति नहीं समझ पाओगे : परम आलय
 जयपुर।  राजस्थान कॉलेज जेएलएन मार्ग खेल मैदान पर आयोजित दस दिवसीय मनुष्य मिलन साधना शिविर के पांचवे  दिन बुधवार को नाभि झटका प्रयोग की महत्वपूर्ण जानकारी दी।  इस दौरान परमालय जी ने बताया कि  घुटनों और हाथों का प्रयोग करते हुए सांस को बाहर फेकने की विधि नाभि झटका मे महत्वपूर्ण स्थान रखती है।    साथ ही नाभि झटका के प्रयोग से अनेक रोगों से मुक्ति मिलती है । 
इस विधि से थायराइड ब्लड प्रेशर शुगर नियंत्रित होने के साथ ही शरीर के सभी हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं और सही तरीके से काम करने लगते हैं।  परमालय जी ने बताया कि नाभि झटका प्रयोग घुटनों का मोमेंटम करते हुए हाथों को ऊपर सीधे करके श्वास को बाहर फेंकने की विधि है।  इससे सूर्य नाड़ी जागृत होती है  यह 1 मिनट का नाभि झटका प्रयोग 10 किलोमीटर घूमने के बराबर प्रभावशाली होता है इसे शिविर के बाद आपने नियमित रूप से जारी रखा तो हमारे शरीर मे एक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद नजर आएगी। 
 परम आलय ने  आज की बिगड़ रहे खान-पान का जिक्र करते हुए बताया कि रिफाइंड तेल शक्कर व नमक हमारे फेफड़ों को खराब कर रहे हैं, जोकि जिम वाकिंग व योग करने पर भी ठीक नहीं होते।  यदि हमने हमारे फेवरेट ठीक कर लिए तो 90 परसेंट बीमारी ठीक हो जाएगी और शरीर स्वस्थ हो जाएगा।  बुद्धि भी काम करने लगेगी और ब्रेन मजबूत होगा।  उन्होंने कहा कि आज की माताओं ने बच्चों का जीवन मन मर्जी के खानपान से बिगाड़ दिया है।  आज साधन तो सबके पास है पर सदुपयोग नहीं कर रहे।  उन्होंने कहा कि विश्राम और परमात्मा एक ही चीज है, पहले नींद को ठीक करना होगा तभी विश्राम में जा सकेंगे ।  आज यहां जितनी माय बैठे हैं, सब ने बच्चों की भूख को विकृत कर दिया है।  माओ ने रसोई घर को भंगार बना कर रख दिया है, बच्चों की गति बिगड़ गई तो जीवन बर्बाद हो जाएगा ।  
आयोजन से जुड़े  राजेश नागपाल आलोक तिजारिया  कमल सोमानी, नरेंद्र वेद, अजय मित्तल और संजय माहेश्वरी ने बताया कि गुरुवार को छठे दिन "भूख क्या होती है" इस पर मंथन किया गया।  आज कार्यक्रम में सांसद रामचरण बोहरा ने भी शिरकत की तथा दोपहर पर रसीला महा भोजन ग्रहण किया।
 

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