पांच दिवसीय शिल्प शाला में मांडणा, ठीकरी जैसी लुप्त होती कलाओं पर भी होगी परिचर्चाएं - Pinkcity News

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Thursday, 20 June 2019

पांच दिवसीय शिल्प शाला में मांडणा, ठीकरी जैसी लुप्त होती कलाओं पर भी होगी परिचर्चाएं

जयपुर 20 जून। उद्योग विभाग द्वारा भारतीय षिल्प संस्थान के सहयोग से 24 जून से आयोजित षिल्प शाला के प्रति जयपुरवासियों के उत्साह को देखते हुए विभाग ने परंपरागत षिल्प कलाओं पर परिचर्चाएं आयोजित करने का भी निर्णय किया है। आयुक्त डॉ. कृृष्णाकांत पाठक ने बताया कि परंपरागत लुत्प होते षिल्प मांड़णा, ठीकरी, आराइष, भवन स्थापित एवं वास्तु और सांझी कला आदि पर परिचर्चाएं आयोजित कर जयपुरवासियों को इन षिल्पों से रुबरु कराया जाएगा। षिल्प शाला के समंवय के लिए संयुक्त निदेषक उद्योग श्री एसएस शाह को कोओरडिनेटर बनाया गया है।
उद्योग आयुक्त डॉ. कृृष्णाकांत पाठक ने गुरुवार को उद्योग भवन में पांच दिवसीय षिल्प ष्षाला के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेष की हस्त व षिल्पकलाओं से बच्चों, युवाओं, युवतियों और इच्छुक कलाकारों को जोड़ने के लिए षिल्प शाला का अयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक परंपरागत ब्लॉक प्रिंटिंग के प्रति जयपुरवासियों का खास उत्साह देखा गया है।
उद्योग आयुक्त डॉ. कृृष्णाकांत पाठक ने बताया कि पांच दिवसीय षिल्प शाला का आयोजन भारतीय षिल्प संस्थान के सहयोग से उद्योग विभाग के उद्यम प्रोत्साहन संस्थान द्वारा 24 से 28 जून तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक भारतीय षिल्पकला संस्थान की वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्ूूूण्पपबकण्ंबण्पदध् पर ऑनलाईन या सीधे ही भारतीय षिल्प संस्थान या उद्योग विभाग में 23 जून तक कार्यालय समय में 200 रुपए जमा कराकर पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने  स्पष्ट किया कि पांच दिवसीय षिल्प षाला झालाणा स्थित भारतीय षिल्प संस्थान में निःषुल्क आयोजित की गई है।
गौरतलब है कि पांच दिवसीय षिल्प षाला में लाख, मीनाकारी, टाई एण्ड डाई (बंधेज/लहरिया), मिट््टी के बर्तन/टेराकोटा, मिनियेचर पेंटिंग, पेपर मैषे, ब्लाक प्रिटिंग, तारकषी, उस्ता कला, चर्म षिल्प, ब्लू पॉटरी, डेको पेज आर्ट, लैण्डस्केपिंग पेंटिंग और मेंहदी कला आदि 14 षिल्प शामिल है।   

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