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Tuesday, 4 June 2019

शिक्षा मंत्री ने शाला दर्पण इंटीग्रेटेड पोर्टल का किया शुभारम्भ

  • शिक्षकों की सेवा संबंधित समस्याओं का ऑनलाईन होगा निराकरण

  • शाला दर्पण में शिक्षकों, कर्मचारियों  के लिए होगी ‘स्टाफ काॅर्नर’ की व्यवस्था

जयपुर, 4 जून।  शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने घोषणा की है कि षिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और उनकी सेवा संबंधित समस्याओं का प्रभावी निराकरण हो, इसके लिए ‘इंटीग्रेटेड शाला दर्पण पोर्टल’ में ‘स्टाफ काॅर्नर’ की व्यवस्था की जाएगी। इसके जरिए राज्य के षिक्षकों, शैक्षणिक कार्मिकों की सेवा संबंधित समस्याओं के आॅनलाईन निराकरण को सुनिष्चित किया जाएगा। इसके साथ ही षिक्षक इसके जरिए अपने स्थानान्तरण आवेदन भी घर बैठे आॅनलाईन कर सकेंगें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि षिक्षा में राजनीति नहीं हो तथा सभी स्तरो ंपर पारदर्षिता रखते हुए सभी को साथ लेकर कार्य किया जाए।
    डोटासरा आज शिक्षा संकुल में शाला दर्पण के ‘इंटीग्रेटेड पोर्टल’ के लोकार्पण पश्चात् संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देष भी दिए कि मुख्यमंत्री अषोक गहलोत की मंषा के अनुरूप पारदर्षिता रखते हुए शाला दर्पण में पृथक से ‘स्टाफ कोर्नर’ की व्यवस्था को जल्द सुनिष्चित किया जाए। इसके तहत षिक्षकों एवं कार्मिकों की विभिन्न सेवा संबंधित समस्याओं के आॅनलाईन निवारण के साथ ही नियमानुसार स्थानान्तरण के आवेदन भी लिए जाने का प्रबंध हो। इस हेतु उन्हें षिक्षकों, कार्मिकों को व्यक्तिगत लाॅगिन आईडी और पासवर्ड भी दिए जाने की भी उन्होंने हिदायत दी ताकि सेवा संबधित समस्याओं के निवारण के लिए वे स्टाफ कोर्नर खोलकर अपनी परिवेदना की स्थिति देख सकें। उन्हें अनावष्यक रूप से  अपनी समस्याआंे के निवारण के लिए अधिकारियांे के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
   मंत्री डोटासरा ने 'शाला दर्पण’ के इंटीग्रेटेड नए पोर्टल में जन प्रतिनिधियों के लिए भी इस तरह की व्यवस्था सुनिष्चित किए जाने के अधिकारियों को निर्देष दिए जिनसे वे अपने क्षेत्र विषेष के विद्यालयों, वहां की शैक्षणिक आवष्यकताओं, पदस्थापित षिक्षकों, कार्मिकों और रिक्त और भरे हुए पदो ंके बारे में पूरी जानकारी रख सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में पारदिर्षता की पक्षधर है। जन अपेक्षाओं के अनुरूप षिक्षा में विकास हो और सभी को साथ लेकर चलें, इसीलिए समयानुरूप यह सब जरूरी है।
   डोटासरा ने इस अवसर पर देष में सूचना और संचार प्रौद्यागिकी में क्रांति लाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गाँधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि आईटी के जरिए समस्याओं का समाधान समय की आवष्यकता है। उन्होंने ‘इंटीग्रेटेड शाला दर्पण’ पोर्टल के नए रूप में विकास के लिए षिक्षा अधिकारियों और एनआईसी के अधिकारियों को बधाई दी तथा कहा कि पूरे देष में यह पहला ऐसा शैक्षिक पोर्टल है जिसमें आॅटो अपडेट की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि इसके जरिए प्रदेष के कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों के विद्यालय प्रवेष से लेकर कक्षाएं उत्तीर्ण करने का सारा का सारा रिकाॅर्ड मौजूद रहेगा। इसमें 65 हजार 104 विद्यालय पंजीकृत किए गए हैं, साथ ही 134 माॅडल स्कूलों की भी पूरी विस्तृत जानकारियां दी गयी है। इसके जरिए षिक्षा विभाग के करीब 4 लाख षिक्षक-कर्मचारियों, राजकीय विद्यालयांे में कक्षा एक से 12 तक पढ़ने वाले 87 लाख विद्यार्थियों का डाटा संग्रहित किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने इससे पहले 9 मई को हुई सार्वजनिक बालसभाओं के आयोजन से संबंधित पुस्तिका का भी लोकार्पण किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि सामुदायिक बालसभाओं के आयोजन के बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं। इससे षिक्षा में अधिकाधिक जन भागीदारी सुनिष्चित हुई है। उन्होंने बताया कि बालसभाआंे के जरिए एक ही दिन में 5 करोड़ से अधिक का सहयोग षिक्षा क्षेत्र में भामाषाहों से प्राप्त हुआ है। बालसभाओं में मुख्य सचिव श्री डी.बी.गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव श्री आर. वेंकटेष्वरन ने व्यक्तिगत भाग लिया और बच्चों से संवाद किया, इसका बहुत अच्छा संदेष गया है। उन्होंने कहा कि बालसभाओं के इस आयोजन को सतत् जारी रखा जाएगा तथा यह प्रयास किया जाएगा कि षिक्षा क्षेत्र में निरंतर राजस्थान विकास करे।
    इस अवसर पर विभाग के प्रमुख शासन सचिव आर.वेंकटेष्वरन ने इंटीग्रेटेड पोर्टल के उद्देष्यों के बारे में बताया। राज्य परियोजना निदेषक एन.के.गुप्ता ने बताया कि देष का यह पहला ऐस पोर्टल है जो आॅटो अपडेटेषन वाला है। देष के 15 राज्यों के प्रतिनिधियों ने आकर इसे देखा और सराहा है। उन्होंने बताया कि पहले चूंकि सर्वषिक्षा और माध्यमिक षिक्षा अभियान चलते थे, इसलिए शाला दर्पण और शाला दर्षन पोर्टल थे। अब इन्हें एक कर यह तय किया गया है कि विद्यालयों की तमाम प्रकार की सूचनाएं इसमें अपलोड की जाए। एक जुलाई से षिक्षा विभाग के सभी परिपत्र अब इस पोर्टल पर रहेंगें। यह भी तय किया गया है कि हर माह की 4 तारीख की रात्रि 12 बजे तक जो भी डाटा इसमें जिलेवार लोड होगा, उस आधार पर जिलों की रैंकिंग सुनिष्तिच की जाए। राज्य सरकार का प्रयास है कि कागजों का कम से कम उपयोग हो और पूर्ण पारदर्षिता से सभी कार्य आॅनलाईन हों।

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