भगवान की लीलाओं में लगाएं मन: गोस्वामी - Pinkcity News

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Monday, 24 June 2019

भगवान की लीलाओं में लगाएं मन: गोस्वामी


गोविंददेवजी मंदिर में श्री गर्ग संहिता कथा
जयपुर। गोविंददेवजी मंदिर के सत्संग भवन में चल रही श्री गर्ग संहिता कथा के तीसरे दिन सोमवार को भगवान कृष्ण और राधाजी जन्म, नामकरण संस्कार, बाल लीलाएं, पूतना वध, श्री राधा-कृष्ण विवाह के प्रसंग हुए। कथा के प्रारंभ में महामंडलेश्वर पुुरुषोत्तम भारती ने आरती उतारी। व्यासपीठ से रमाकांत गोस्वामी और आयोजक  दामोदर लाल खंडेलवाल तथा ज्ञानचंद खंडेलवाल ने उनका अभिनंदन किया। जसोल में कथा में दौरान हुए हादसे के कारण मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए तीन बार गायत्री मंत्र का उच्चारण कराया। व्यासपीठ से ब्रजभक्त रमाकांत गोस्वामी ने कहा कि जो अपने मन को सब जगह से हटाकर भगवान की लीलाओं में लगा लेता है भगवान उन्हें कभी भी नहीं छोड़ते। भगवान कहते हैं जो मुझे जिस भाव से भजता है मैं भी उसे उसी भाव से भजता हूं। भगवान गोपियों के घर माखनचोरी करने इसलिए जाते थे क्योंकि वे गोपियों से प्रेम करते थे, गोपियां भी प्रेमवश शिकायत का बहाना कर यशोदा के घर जाकर उलाहना देती थी। हमारा भी मन भारी हो तो प्रेम के साथ भगवान को उलाहना दे सकते हैं। उन्होंने कहा के अपने मन को सदैव मक्खन की कोमल रखना चाहिए। मन में सभी के प्रति संवेदनाएं हों।  उन्होंने कहा कि दूसरों को सम्मान देने से ही खुद को इज्जत मिलती है, इसलिए हमेशा दूसरों को मान-सम्मान देना चाहिए। एक अन्य प्रसंग में उन्होंने कहा कि  उन्होंने कहा कि भगवान को ऐसे व्यक्ति पसंद है जिनका मन मक्खन की तरह कोमल हो। कथा के दौरान ऐ री मैया कन्हैया की शिकायत क्या करुं नटखट की.... सुन यशोदा माई तेरे लाला ने माटी खाई... जैसे भजनों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने नृत्य किया। आयोजक ज्ञानचंद खंडेलवाल ने बताया कि 24 जून को पूतना वध, नामकरण, बाललीला, श्री राधा-कृष्ण विवाह, 25 जून को माखनचोरी, उखल बंधन, दुर्वासा कथा, तुलसी महात्म्य, महारास लीला, 26 जून को श्री गिरिराज कथा, यमुनाजी की कथा, एकादशी महात्म्य, 27 जून को नारद-कंस संवाद, अक्रूर-कृष्ण संवाद, कंस वध, उद्धव-गोपी संवाद, श्रीराधा-कृष्ण लीला, 28 जून को जरासंध आक्रमण, बलदेव-रेवती कथा, रूक्मिणी विवाह, द्वारिका महात्म्य, 29 जून को श्रीकृष्ण पुत्रों की दिग्विजय, बलराम कथा, मंदिर निर्माण, राधा-कृष्ण मिलन महात्म्य, गुप्त गंगा महिमा की कथा होगी।

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