'स्टार्टअप चौपाल' में यंग एंटरप्रिन्योर्स को मिली एक्सपर्ट्स की गाइडेंस - Pinkcity News

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Saturday, 11 May 2019

'स्टार्टअप चौपाल' में यंग एंटरप्रिन्योर्स को मिली एक्सपर्ट्स की गाइडेंस


देशभर से शामिल हुए 135 स्टार्टअप्स तथा 40 इन्वेस्टर व मेंटर्स

जयपुर, 11 मई। स्टार्टअप को आजकल लोग फैशन मानने लगे हैं और जल्द से जल्द पैसा कमाने के उद्देश्य से कई स्टार्टअप्स शुरु किए जा रहे हैं, यही वजह है कि करीब 90 फीसदी स्टार्टअप फेल हो रहे हैं। समाज की किसी भी वर्तमान समस्या का समाधान करना ही सही मायने में स्टार्टअप होता है। शनिवार को पूर्णिमा ग्रुप के अर्बूदा कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नेशनल स्टार्टअप फेस्ट 'स्टार्टअप चौपाल' में इन्वेस्टर व मेंटर्स द्वारा यंग एंटरप्रिन्योर्स को कुछ ऐसी ही गाइडेंस दी गई। जेनसस एडुटेनर्स द्वारा तथा फंड नेस्ट के सहयोग से आयोजित इस फेस्ट में देशभर से 135 स्टार्टअप शामिल हुए।
इंडस्ट्रियलिस्ट व सोशलिस्ट जे. के. बैद उद्घाटन समारोह के चीफ गेस्ट थे। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप की शुरुआत के लिए पैशन काफी जरूरी होता है। उन्होंने यंग एंटरप्रिन्योर्स को इनोवेशंस पर काम करने, रिस्क लेने और गलतियों से सीखने की सलाह दी। पेटीएम के वाइस प्रेसीडेंट सौरभ जैन द्वारा 'गो बिग ओर गो होम' विषय पर कीनोट स्पीच दी गई। उन्होंने 'पेटीएम— बिल्ड फॉर इंडिया' का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रॉब्लम सॉल्व करना सरकार का नहीं, बल्कि एंटरप्रिन्योर्स का काम होता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान दौर में एंटरप्रिन्योर बनना ग्लैमरस माना जाने लगा है, एंटरप्रिन्योर्स को अपनी यह सोच को बदलकर प्रॉब्लम सॉल्विंग एप्रोच रखनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक स्टार्टअप और एंटरप्रिन्योर को सफलता के लिए 6पी (प्रोडक्ट, पीपल, प्लेस, प्रोफिट, पैसा व पार्टिंग) का फ्रेमवर्क अपनाने की सलाह दी।
प्रणय माथुर के साथ कन्वर्सेशन में डेटा ग्रुप आॅफ इंडस्ट्रीज के एमडी अजय डेटा ने युवा उद्यमियों को बताया कि प्रॉब्लम्स पिंक एलीफेंट की तरह होती है, जिसका कोई अस्तित्व नहीं होता। उन्होंने कहा कि रिस्क वाले स्टार्टअप्स को ही वेंचर केपिटलिस्ट्स से फंडिंग के लिए एप्रोच करनी चाहिए। उन्होंने एंटरप्रिन्योरशिप को 'वे आॅफ लाइफ' बताते हुए कहा कि इसमें रिस्क, टीमवर्क, आइडियाज का समावेश होता है, जबकि बिजनेस एंटरप्रिन्योरशिप का ही एक भाग होता है।
प्रथम पैनल डिस्कशन 'स्टोरीज आॅफ एंजिल्स फ्यूलिंग बिजनेस वेंचर' विषय पर आयोजित किया गयाा। इसके पैनलिस्ट में एंटरप्रिन्योर व इन्वेस्टर धियानु दास, जयपुर रग्स के डायरेक्टर योगेश चौधरी, की—वेंचर की सीईओ निधि सराफ, ब्लॉकस्पेज के फाउंडर बिपिन बाबू और स्टार्टअप बड़ी के फाउंडर अमित सिंघल थे। इन्होंने बताया कि फंडिंग के समय इन्वेस्टर ऐसे स्टार्टअप्स को प्राथमिकता देते हैं, जिनके प्रोडक्ट पर काम हो चुका हो व प्रोटोटाइप तैयार हो चुका हो और जिसके जरिए किसी भी वर्तमान समस्या का समाधान किया जा रहा हो। विशेषज्ञों ने बताया कि जिस प्रकार स्टार्टअप्स को इन्वेस्टर्स की तलाश होती है, उनती ही जरूरत इन्वेस्टर्स को स्टार्टअप्स की भी होती है, इसलिए अपने आइडियाज पर ईमानदारी से काम करें।

दूसरा पैनल डिस्कशन 'नॉट सो फेमस स्टोरीज आॅफ द फेमस क्लैन' विषय पर था। ईको के को—फाउंडर अभिषेक सिन्हा, अटल इन्क्यूबेशन सेंटर की सीईओ आभा ऋषि, जीसीईसी के फाउंडर परेश गुप्ता और इमेजिन एक्सपी के डायरेक्टर अभयजीत सिंह इसके पैनलिस्ट थे। इसके बाद फंड नेस्ट के को—फाउंडर योगेश गुप्ता ने बताया कि इन्वेस्टर्स स्टार्टअप्स में किन विशेषताओं को देखते हैं।
अंतिम पैनल डिस्कशन 'पेरल आॅफ एन एंटरप्रिन्योर— स्मॉल सिटीज बिग अपॉर्चुनिटीज' विषय पर हुआ। इसके वक्ताओं में कामाक्षी क्राफ्टेक के सीईओ सर्वेश अग्रवाल, ईयरबुक कैनवास के फाउंडर सुशील शर्मा, पूर्णिमा फाउंडेशन के डायरेक्टर राहुल सिंघी, एवरडेटा डेटा सेंटर्स के डायरेक्टर नवीन शर्मा, सृजना के सीईओ शरद बंसल और को—डिजाइन लैब्स के को—फाउंडर दिलनवाज खान थे।
बौधिक वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर विवेक दहिया ने भारत के स्टार्टअप्स के लिए पेटेंट के नियमों के बारे में जानकारी दी। अंत में जेनसस एडुटेनर्स के फाउंडर सुमित श्रीवास्तव द्वारा धन्यवाद किया गया।

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