राज्यस्तरीय दृष्टिबाधित क्रिकेट प्रतियोगिता में पहला मैच जयपुर पिंक ने और दूसरा अजमेर ग्रीन ने जीता - Pinkcity News

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Saturday, 18 May 2019

राज्यस्तरीय दृष्टिबाधित क्रिकेट प्रतियोगिता में पहला मैच जयपुर पिंक ने और दूसरा अजमेर ग्रीन ने जीता

जयपुर, 18 मई। लुई-ब्रेल दृष्टिहीन विकास संस्थान एवं इंडियन ऑयल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय दृष्टिबाधित क्रिकेट प्रतियोगिता का शनिवार कोएसएमएस स्टेडियम के एकेडमिक ग्राउंड पर शुभारंभ हुआ। संस्थान के अध्यक्ष पी. सी. जैन एवं संस्थान की बालिकाओं ने मुख्य अतिथि प्रबंध निदेशक आरसीडीएफ डॉ. वीना प्रधान, विशेष योग्यजन निदेशक वीरेंद्र सिंह बांकावत, समाजसेवी सुधांशु कासलीवाल, कार्यकारी निदेशक इंडियन ऑयल रवीन्द्र गर्ग का तिलक लगाकर स्वागत किया।

पहला मैच जयपुर पिंक व दूसरा मैच अजमेर ग्रीन ने जीता

पहला दृष्टिबाधित क्रिकेट मैच जयपुर पिंक और मारवाड़ जंक्शन टीम के बीच में हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए मारवाड़ जंक्शन ने जयपुर पिंक के सामने 175 रनों का लक्ष्य रखा। जयपुर पिंक टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 176 रन बनाकर जीत हासिल की। तीन बार दृष्टिहीन क्रिकेट विश्व कप में भाग ले चुके राजेन्द्र वर्मा जयपुर टीम के कैप्टन थे। इसी प्रकार दूसरा दृष्टिबाधित क्रिकेट मैच अजमेर ग्रीन और उदयपुर ऑरेंज के बीच हुआ। पहले खेलते हुए अजमेर ग्रीन ने उदयपुर ऑरेंज को 191 रनों का लक्ष्य दिया। जवाब में उदयपुर ऑरेंज 82 रन पर ऑलआउट हो गई और अजमेर ग्रीन ने 109 रन से जीत दर्ज की।

20 मई को 6 टीम और 96 प्रतिभागियों के बीच होगा फाइनल

इस प्रतियोगिता में राजस्थान की छः टीमें जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर तथा कुल 96 दृष्टिबाधित प्रतिभागी हैं। प्रतियोगिता में कुल 7 मैच आयोजित किए जाएंगे। 20 मई को इस प्रतियोगिता का फाइनल मैच आयोजित होगा। विशेष रूप से आयोजित इस क्रिकेट मैच में दृष्बिाधितों द्वारा खास गेंद काम में ली जा रही है जो आवाज करती है। विकेट भी बड़े आकार के होते हैं। प्रतियोगिता के दौरान 15-15 ओवर के सात मैच होते हैं। दृष्टिबाधित क्रिकेट मैच की यह विशेषता है कि इसमें गेंदबाजी नीचे की ओर से की जाती है।

तीन तरह के खिलाड़ी

दृष्टिबाधित क्रिकेट प्रतियोगिता में हर दृष्टिबाधित बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण करता है। प्रत्येक टीम में तीन तरह के खिलाड़ी होते हैं- बी-1, बी-2 और बी-3, जिनकी संख्या क्रमशः 4, 3 और 4 होती है। बी-1 श्रेणी में पूरी तरह से दृष्टिबाधित सदस्य होते हैं, बी-2 श्रेणी में 3 मीटर तक दिखाई देने वाले तथा बी-3 श्रेणी में आंशिक दृष्टिबाधित होते हैं। इस प्रकार कुल 11 खिलाड़ियों की एक टीम तैयार होती है।

 आमजन के लिए निशुल्क प्रवेश

राज्यस्तरीय दृष्टिबाधित इस क्रिकेट प्रतियोगिता में दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश रखा गया है। जिसका वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

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