"अपनी परेशानियों की मुक्ति के लिए बाहरी दुनिया में नहीं खुद में ही ढूंढे रास्ता" - Pinkcity News

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Saturday, 18 May 2019

"अपनी परेशानियों की मुक्ति के लिए बाहरी दुनिया में नहीं खुद में ही ढूंढे रास्ता"

  •  बुक 'द कोड' की ऑथर मुक्ता महाजनी ने जयपुर में की बुक रीडिंग सेशन
  • मुंबई हाई कोर्ट के मेडिएशन एक्सपर्ट कमिटी का हैं हिस्सा
  • सी-स्कीम स्थित क्रॉसवर्ड में हुआ बुक लॉन्च कार्यक्रम

जयपुर, 18 मई ।  हर मुश्किल से निकलने के लिए सही तरीके और अनुभव की जरुरत होती है। हम सभी में ये ज्ञान मौजूद है मगर हम उस समय खुद को सुन और समझ नहीं पाते। 'द कोड' में कुछ ऐसी ही शॉर्ट स्टोरीज को 99 चैप्टर में गढ़ा गया है, जो आपके अंतर्मन में छिपी बुद्धिमता से आपका परिचय करवाएगी। ये कहना था पेशे से लॉयर, बेस्ट सेलर ऑथर और इंटरनेशनल स्पीकर मुक्ता महाजनी का। चेम्प रीडर्स असोशिएशन की ओर से बुक 'द कोड - अवेकन द हिडन विजडम ऑफ़ योर हार्ट' का शनिवार को बुक लॉन्च और रीडिंग सेशन सी-स्कीम स्थित क्रॉसवर्ड में आयोजित हुआ। बुक लॉन्च के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व इनकम टैक्स कमिश्नर प्रेम प्रकाश, एमडी डॉ. अशोक गोयल और एसोसिएट प्रोफ़ेसर अनीता ग्रांगड़े उपस्थित रहे। इस दौरान ऑथर मुक्ता महाजनी ने अपनी तीसरी किताब और जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए। मुक्ता की इस से पहले दो किताबें 'लेटस टॉक - नेगोशियेशन एंड कम्युनिकेशन एट द वर्क प्लेस',  2012 और 'पावर प्ले - गेटिंग रिजल्ट योर वे' 2015 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी पसंद की गई है।

जीवन में 7 दोषों की मुक्ति के लिए खुद में ढूंढे रास्ता -

अपनी किताब के बारे में मुक्ता बताती हैं कि मेरी ये बुक हर एक जीवन को विशेष रूप से छूती है। आपके जीवन में आने वाली कठनाइयों और सवालों का आप खुद ही जवाब है पर अक्सर हम इन जवाबों की तलाश बाहरी दुनिया में करते है। किताब में 'विज़डम हार्ट' शब्द का कई जगह इस्तेमाल किया है जिसका मतलब, कुछ छोटी-बड़ी मुश्किलों से हम जीवन में जूझते है उन मुश्किल, रिश्ते, बातें, परिवार और रिलेशनशिप के दौरान मिलने वाला अनुभव  ही विज़डम हार्ट है। हम सब अपने जीवन में जलन, उम्मीद, ग़ुस्सा, प्रतिस्पर्धा, अति महत्वकांशा जैसे 7 दोषों से परेशान और उलझे रहते है। इनका वर्णन बराक ओबामा, रामायण, गौतम बुद्धा, महात्मा गांधी, महाभारत जैसे महापुरुषों और ग्रंथों में भी है। इन सातों दोषों से मुक्ति प्राप्त कर हम खुद आईने के सामने खड़े होकर अपने सवालों का बेहतर जवाब दे सकते है।

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