भव्य रथयात्रा के साथ बाड़ा पदमपुरा में पांच दिवसीय हीरक जयंती महामहोत्सव का समापन - Pinkcity News

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Sunday, 12 May 2019

भव्य रथयात्रा के साथ बाड़ा पदमपुरा में पांच दिवसीय हीरक जयंती महामहोत्सव का समापन

उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़, गीत संगीत के साथ हुआ 75 मण्डलों पर पदमप्रभ विधान पूजन

जयपुर।  विश्व विख्यात एवं अतिशयकारी दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा में आयोजित पांच दिवसीय हीरक जयंती महामहोत्सव का रविवार को  मूलनायक पदमप्रभ भगवान के कलशाभिषेक, 75 मण्डलों पर पदमप्रभ भगवान के विधान पूजन, श्रीजी की भव्य नगर शोभा रथयात्रा एवं अतिथियों के सम्मान के साथ समापन हुआ।

जयपुर में पहली बार एकसाथ 75 मण्डलों पर विधान पूजन

 प्रचार संयोजक डॉ. विमल जैन ने बताया कि रविवार को प्रातः मूलनायक पदमप्रभ भगवान के विशेष कलशों द्वारा नित्यभिषेक एवं शान्ति धारा के बाद विश्वभर से आए श्रद्धालुओं ने आचार्य वसुनंदी मुनिराज, आचार्य शशांक सागर महाराज, मुनि मार्दवनंदी महाराज एवं गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी ससंघ सानिध्य में 75 मण्डलों पर 75 प्रमुख परिवारों एवं हजारों श्रद्धालुओं द्वारा " विशाल एवं भक्तिमय पदमप्रभ भगवान पूजन " किया गया। इससे पूर्व झांझरी सभागार में पदमप्रभ भगवान की रजत प्रतिमा सहित अष्टधातु की प्रतिमा को बेंड - बाजों ओर जयकारों के साथ विराजमान कर प्रथम कलशाभिषेक का पुण्यार्जन धर्म चन्द पहाड़िया ने किया। आचार्य वसुनंदी मुनिराज के मुखारविंद भव्य शांतिधारा कर पूजन प्रारम्भ किया गया।
प्रचार सहसंयोजक विनोद जैन कोटखावदा एवं नरेश कासलीवाल ने बताया कि जयपुर के पदमपुरा की धरा पर एक साथ 75 मण्डलों पर 75 प्रमुख परिवारों एवं देशभर से आये हजारों श्रद्धालुओं ने गीत-संगीत और पदमप्रभ भगवान के जयकारों का रसपान कर अपने कर्मो की निर्जरा की कामना करते हुए अष्टद्रव्य से विधान पूजन सम्पन्न की। इस दौरान श्रद्धालुओ ने जिनेन्द्र प्रभु सहित पंचपरमेष्टि की श्रद्धा-भक्ति के साथ अर्चना, आराधना कर पूजन सम्पन्न की। इस मौके पर आचार्य शशांक सागरजी महाराज का अवतरण दिवस भी मनाया गया।

 तीन रथो के साथ निकली श्रीजी की रथयात्रा

उपाध्यक्ष सुरेन्द्र पांड्या एवं कोषाध्यक्ष राजकुमार कोठयारी ने बताया कि हीरक जंयती महामहोत्सव के अंतिम दिन रजत एवं अष्टधातु की जिन बिम्ब प्रतिमाओं को 2 भव्य रथों में विराजमान कर रथ यात्रा निकाली गई।रथयात्रा के संयोजक योगेश टोडरका ने बताया कि रथयात्रा में सारथी के रूप में ज्ञान चन्द झांझरी एवं हेमंत सोगाणी ने पुण्यार्जन किया।श्री जी को चवरं ढुलाने का प्रदीप जैन, अरुण कोडीवाल, विनोद शाह, जे एम जैन, सुरेश काला, लाल चन्द जैन ने पुण्यार्जन किया। खवासी का पुण्यार्जन मुकेश जैन व जीव मल विजय पाटनी ने किया। श्रीजी की रथयात्रा का विशेष आकर्षण 4 बेलों और 4 घोड़ो का रथ रहा। शोभा यात्रा में ऐरावत हाथी सबसे आगे  नगर वासियों को अहिंसा व शान्ति का संदेश देते हुए चल रहा था। जिसके पीछे 2 घोड़े, 2 बेंड- बाजों का 20 - 20 सदस्यों के दल सहित नाचते-गाते हजारों श्रद्धालु शोभायात्रा की शोभा बढ़ाते हुए चल रहे थे, रथयात्रा में आचार्य वसुनंदी जी महाराज ससंघ, आचार्य शशांक सागरजी महाराज ससंघ, मुनि श्री मार्दवनंदी जी महाराज एवं गणिनी आर्यिका गौरवमति माताजी ससंघ शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह श्रावक और श्राविकाएं श्रीजी की आरती कर रहे थे और कुछ श्रद्धालु रत्न एवं पुष्प वृष्टि कर रहे थे। इस दौरान श्रद्धालुओ ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पदमपुरा का वातावरण भक्तिमय रसों के सरोवर में तब्दील कर दिया।

महोत्सव में भारतवर्षीय दिगम्बर जैन अग्रवाल महासंघ राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेशचन्द जैन तिजरिया, वीर सेवक मण्डल अध्यक्ष महेश काला,  अशोक जैन नेता, गोविंद जैन (जर्मनी), नेमीचंद, राजेश गंगवाल, ज्ञानचंद झांझरी, रूप चन्द कटारिया (दिल्ली), नेमीचंद जैन (निवाई),  हरीश धाडुका, कैलाशचंद राजेन्द्र कुमार सौगानी, सुरेन्द्र पांड्या, अमित बड़जात्या, संतोष कुमार ललित देवी जैन कलकत्ता, निर्मल कुमार, शांति कुमार छाबड़ा, प. विमल चन्द जैन, जितेंद्र मोहन जैन, सुभाष पाटनी, राजकुमार सेठी,प्रदीप जैन, राकेश गोधा, प्रवीण बड़जात्या, अभिषेक जैन बिट्टू, प्रदीप जैन, विनोद जैन कोटखावदा, रितेश पाटोदी, अनिल दीवान,  कपूरचंद महावीर कसेरा, राजेन्द्र बिलाला, दिनेश पापड़ीवाल, सुनील पहाड़िया, पवन राणा, नेमीचंद चेतन कुमार जैन (निवाई), घिसी देवी छाबड़ा, मुकेश जैन,  प्रवीण चन्द कासलीवाल, , प्रवीण बड़जात्या, महावीर कसेरा, महावीर अजमेरा, विनोद शाह, संतोष रावका, नगेन्द्र जैन, भानू छाबड़ा, योगेश टोडरका सहित समाज की विभिन्न संस्थाओं के हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सम्मिलित रुप से पद्मप्रभ भगवान की गीत-संगीत एवं नृत्य के साथ महामंगल आराधना की। कार्यक्रम के अंत में पदमपुरा प्रबन्ध कार्यकारिणी समिति अध्यक्ष सुधीर जैन, महामंत्री हेमन्त सौगानी, उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन, महावीर अजमेरा, विनोद शाह, सयुंक्त मंत्री सुरेश काला, सदस्य सुभाष पाटनी, राजकुमार सेठी, महावीर पाटनी, कमल काला सहित सभी सदस्यों ने आयोजन में शामिल सभी आमंत्रित अतिथि, विशिष्ठ अतिथि और गणमान्य श्रेष्ठीगणों का आदर सत्कार करते हुए तिलक, माला और साल ओढाकर सम्मानित किया। इस मौके पर वीर सेवक मण्डल के पदाधिकारियों को सम्मानित करने के बाद भुसावर के अनूप चन्द जैन को समाज रत्न से विभूषित किया गया। अध्यक्ष सुधीर जैन व मंत्री हेमन्त सोगाणी ने सभी का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व  मंत्रोच्चार के साथ श्री जी के कलशाभिषेक किये गये।

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