धर्म जीवन को सरल और कर्म जीवन को सफल बनाते है : आर्यिका गौरवमती - Pinkcity News

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Friday, 12 April 2019

धर्म जीवन को सरल और कर्म जीवन को सफल बनाते है : आर्यिका गौरवमती

जयपुर। जैन अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा में विराजमान गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी ने शुक्रवार को प्रातः 8.30 बजे आयोजित स्वाध्याय सभा के दौरान अपने आशीर्वचन में कहा कि " सांसारिक जीवन को अगर सार्थक करना है तो धर्म और कर्म के साथी अवश्य बनें, ये वो मार्ग है जो प्रत्येक प्राणी के जन्म को सार्थक कर सकते है। जिस प्रकार प्राणी के जीवन मे अन्न और जल की महत्ता है ठीक उसी प्रकार प्राणी के जीवन मे धर्म और कर्म की महत्ता है धर्म इंसान के जीवन को सरल बनाते है और कर्म जीवन को सफल बनाते है। धर्म संस्कारों का प्रतीक है तो कर्म सार्थक करने का प्रतीक है। वह प्राणी अवश्य सफल होता है जिसके जीवन मे धर्म और कर्म की महत्ता है। जैसे अन्न भूख को शांत करता और जल प्यास को बुझाता है। उसी तरह धर्म मार्ग बताता है और कर्म मार्ग पर चलना सिखाता है।
आर्यिका गौरवमती माताजी ने कहा कि प्रत्येक प्राणी के अपने जन्म के महत्व को सार्थक करने का प्रयास करना चाहिए, कोई भी इंसान धर्म से गरीब, अमीर नही होता, वह केवल अपने कर्म से गरीब, अमीर होता है।
अध्यक्ष सुधीर जैन ने बताया कि बुधवार 17 अप्रैल को चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्मकल्याणक पर्व अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा की धरा पर भी मनाया जाएगा, इस शुभवासर पर भगवान महावीर स्वामी की अष्ट धातु की विशाल प्रतिमा पर स्वर्ण एवं रजत कलशों से कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन आचार्य शशांक सागर महाराज एवं गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी ससंघ सानिध्य में आयोजित होगा। इस अवसर भगवान महावीर स्वामी का जन्मकल्याणक अर्घ सहित अष्ट द्रव्यों से पूजन होगा। साथ ही जयपुर के रामलीला मैदान पर आयोजित विशाल धर्मसभा एवं शोभायात्रा में 8 से 12 मई तक आयोजित होने वाले " हीरक जयंती महामहोत्सव " को लेकर गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी की मंगल प्रेरणा से एक भी एक झांकी का भी आयोजन करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके माध्यम से क्षेत्र के 75 वर्षो के इतिहास का मंचन किया जाएगा और समाज बन्धुओ को झांकी के माध्यम से आमंत्रित किया जाएगा।

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