अष्टनिका पर्व का आगाज प्रभु आदिनाथ के कलशाभिषेक के साथ हुआ - Pinkcity News

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Wednesday, 13 March 2019

अष्टनिका पर्व का आगाज प्रभु आदिनाथ के कलशाभिषेक के साथ हुआ

  • श्याम नगर में आर्यिका गौरवमती माताजी ससंघ सानिध्य में आठ दिन चलेगी सिद्धचक्र महामंडल अर्चना


जयपुर। जैन धर्म के पवित्र पर्वो में से एक अष्टनिका पर्व का बुधवार से जैन मंदिरों में आगाज हुआ। शहर के श्याम नगर स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर वशिष्ठ मार्ग पर गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी ससंघ सानिध्य में प्रातः 6.15 बजे प्रभु आदिनाथ के स्वर्ण एवं रजत कलशों से कलशाभिषेक एवं शांतिधारा के साथ आगाज हुआ।

मन्दिर ट्रस्ट समिति मंत्री राजकुमार पाटनी ने बताया कि अष्टनिका पर्व के शुभवासर पर प्रातः 7.30 बजे महावीर दिगम्बर जैन मंदिर से आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर तक भव्य ध्वज शोभायात्रा का आयोजन बेंड-बाजों और जयकारों के साथ किया गया। जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सम्मिलित होकर हाथों जैन ध्वजा ली और जुबां पर अष्टनिका पर्व और सिद्ध परमेष्ठी भगवानों के जयकारे लगाते हुए, वशिष्ठ मार्ग का वातावरण जिनेन्द्र अर्चना की भक्ति के रस में सरोबर कर दिया, शोभायात्रा के दौरान महिला, पुरूष नाचते-गाते चल रहे थे, बेंड वादक अपनी मधुर धुनों से वातावरण शुद्ध कर रहे थे तो श्रावक और श्राविकाओं के दिव्य धुनि जयकारें श्रद्धा-भक्ति का परिचय दे रहे थे।
अखिल भारतीय दिगम्बर जैन युवा एकता संघ सदस्य अजित पाटनी ने बताया कि शोभायात्रा के पश्चात प्रातः 8 बजे समाज सेविका श्रीमती मैना देवी पाटनी एवं परिवार द्वारा ध्वजारोहण कर आठ दिवसीय पूजन का विधिवत ध्वजारोपण कर अष्टनिका आरव का आगाज किया, जिसके पश्चात बाल ब्रह्मचारी जिनेश भैया और अभिषेक भैया के निर्देशन में अंकुरारोपन, मंडप शुद्धि, सकलीकरण की किया विधि संपन्न हुई, इस दौरान सौधर्म इंद्र सुरेंद्र - सरिता पाटनी, कुबेर इंद्र नवरत्नमल - बसंती देवी पाटनी, यज्ञनायक इंद्र मूलचंद सबलावत, ईशान इंद्र राजकुमार-किरण सेठी, सानत इंद्र राजकुमार - लक्ष्मी पाटनी सहित सभी प्रमुख 21 इंद्र - इंद्राणियों की भी प्रतिष्ठा क्रिया विधि सम्पन्न होने के पश्चात समाज सेवी हुल्लासचन्द सबलावत परिवार द्वारा अष्टानिका पर्व की अखंड दिव्य ज्योति की स्थापना की गई।
अध्यक्ष निहालचंद पांड्या ने बताया कि सायं 7 बजे से मन्दिर जी प्रांगण पर श्रीजी की महामंगल आरती, शास्त्र प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इससे पूर्व प्रातः अष्टानिका पर्व की ध्वज शोभायात्रा के दौरान समाजसेवी मोतीलाल भागचंद बाकलीवाल, सुरेश सबलावत, अशोक, प्रदीप चूड़ीवाल, संपतराय पाटनी, राजेन्द्र बड़जात्या, प्रवीण बड़जात्या सहित ट्रस्ट समिति के पदाधिकारी, सदस्य, महिला मंडल एवं युवा मंडल के पदाधिकारियों ने उत्साह के साथ आयोजन में भाग लिया। गुरुवार को प्रातः अष्टानिका पर्व के दूसरे दिन का आगाज प्रातः 6 बजे से श्रीजी के कलशाभिषेक एवं शांतिधारा कर किया जाएगा साथ संगीतमय विधान पूजन होगा। इस बीच प्रातः 8.45 बजे गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी के मंगल प्रवचन होंगे।
बुधवार को आर्यिका गौरवमती माताजी ने संबोधन में कहा कि " अष्टानिका पर्व जैन श्रावक और श्राविकाओं सहित साधु संतों की आस्था का पर्व है, शास्त्रों के अनुसार इस पर्व में सिद्धों की भक्ति - आराधना होती है। "

 

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